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हिमाचल उपचुनाव: तीन दशक बाद धर्मशाला सीट से BJP को नए चेहरे की तलाश

हिमाचल में धर्मशाला और पच्छाद में उपचुनाव होने हैं.
हिमाचल में धर्मशाला और पच्छाद में उपचुनाव होने हैं.

‌By Election in Himachal: हिमाचल में दो उपचुनावों (Assembly By-election) के लिए 30 सितंबर नामांकन की अंतिम तिथि है. कांग्रेस (Congress) और भाजपा (Bjp) की ओर से फिलहाल किसी ने इन दोनों सीटों के लिए नामांकन नहीं किया है.

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शि्मला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की धर्मशाला विधानसभा सीट (Dharamshala) को लेकर भाजपा ने फिलहाल, अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है. इसके लिए हिमाचल चुनाव समिति ने चार नामों का पैनल केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजा है, इसमें एबीवीपी (ABVP) के नेता उमेश दत्त, राजीव भारद्वाज और संजय शर्मा, जो कि एचपीसीए के प्रवक्ता रहे हैं, और राकेश शर्मा का नाम शामिल है. ऐसे में अब धर्मशाला से भाजपा (BJP) को तीन दशक बाद नए चहरे की तलाश है.

इसलिए नए चेहरे की तलाश
धर्मशाला सीट से किशन कूपर (Kishan Kapoor) पांच बार के विधायक रहे हैं. 2017 विधानसभा चुनाव (Assembly Polls) में वह जीते थे और खाद्य आपूर्ति मंत्री बनाए गए. लेकिन लोकसभा चुनाव में उन्हें भाजपा ने मैदान में उतारा और रिकॉर्डतोड़ वोटों से जीत कर वह संसद पहुंचे. अब धर्मशाला से भाजपा किसी नए चेहरे को टिकट देगी. बताया जा रहा कि किशन कपूर अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने इंकार कर दिया.

सीट का इतिहास
धर्मशाला में गद्दी समुदाय की अच्छी खासी जनसंख्या है और किशन कपूर भी इसी समुदाय से आते हैं. वह शांता कुमार के गुट से हैं. शांता कुमार कांगड़ा से सांसद रहे हैं. किशन कपूर ने अपना पहला चुनाव धर्मशाला से ही जीता था. 1985 में वह चुनाव पहली बार लड़े और चुनाव जीते थे. इसके बाद 1990 और 1993 में वह फिर से चुनाव जीते. 1998 के विधानसबा चुनाव में किशन ने फिर सीट निकाली और धूमल सरकार में मंत्री बने.



2003 में कांग्रेस प्रत्याशी ने हराया
किशन कपूर को 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की चंद्रेश कुमारी ने हराया. लेकिन 2007 में किशन कपूर दोबारा इस सीट से जीते और फिर धूमल सरकार परिवहन मंत्री बनाए गए. हालांकि, 2012 के चुनाव में किशन कपूर को कांग्रेस के सुधीर शर्मा से हार मिली.

2017 में किशन को आंसुओं ने दिलाई टिकट
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने किशन कपूर का टिकट काट दिया था. लेकिन उनकी जगह भाजपा एबीवीपी के नेता उमेश दत्त को टिकट दिया था. लेकिन किशन के बागी तेवरों को देखते हुए बाद में टिकट उन्हें दिया गया. इस दौरान एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान किशन कपूर भरी जनसभा में रो पड़े थे.

किशन की रिकॉर्डतोड़ जीत
लोकसभा चुनाव में किशन कपूर ने रिक़ॉर्डतोड़ मतों से जीत हासिल की थी. वह कांगड़ा लोकसभा सीट से 4.77 लाख वोटों से जीते थे. उन्हें कुल पोल हुए वोटों में 72 फीसदी मत मिले थे. धर्मशाला में 1977 से भाजपा ने 10 चुनावों में से सात पर जीत दर्ज की है.

30 सितंबर नामांकन की तारीख
हिमाचल में दो उपचुनावों के लिए 30 सितंबर नामांकन की अंतिम तिथि है. कांग्रेस और भाजपा की ओर से फिलहाल किसी ने इन दोनों सीटों के लिए नामांकन नहीं किया है. उम्मीद है कि नवरात्र में कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के नामों का ऐलान होगा और फिर नामांकन दाखिल किए जाएंगे.

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