हिमाचल में बेनामी सौदों की होगी जांच, मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने दिए आदेश

हिमाचल के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर. (FILE PHOTO)
हिमाचल के जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर. (FILE PHOTO)

हिमाचल में सर्कल रेट की भी सरकार समीक्षा करेगी. इसके अलावा, धारा-118 के तहत तमाम स्वीकृतियां देने की प्रक्रिया आनॅलाइन की जाएगी, ताकि उसमें अनियमितताएं रोकी जा सकें.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में कभी बेनामी सौदे बड़ा सियासी मुद्दा रहा है. अब यह जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर निकल गया है. दरअसल, नये राजस्व मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर (Mahender Singh Thakur) ने हिमाचल में बेनामी सौदों की जांच के आदेश दे दिए हैं. अधिकारियों से तमाम बेनामी सौदों की रिपोर्ट मांगी है. खासकर कांगड़ा (Kangra) जिला के चाय बागानों (Tea Orchard) में हुए निर्माण और रजिस्ट्री की पटवार सर्कल वाइज रिपोर्ट मांगी है. कांगड़ा में चाय बागानों के बेनामी सौदे हुए हैं जिसक शिकायतें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं.

लैंड रिकार्ड मैनेजमेंट के लिए जीपीएस का इस्तेमाल 

हिमाचल में लैंड रिकार्ड मैनेजमेंट सिस्टम के लिए जीपीएस का उपयोग किया जाएगा, जिसके लिए भारत सरकार से भी राशि मिली है। कैबिनेट मंत्री ने जीपीएस आधारित मापन और भू-लेख प्रबंधन के लिए भारत सरकार से प्रदेश को मिली राशि की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए है. प्रदेश के सभी तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों से उपमंडलाधिकारी, उपायुक्त, मंडलीय उपायुक्त व वित्त आयुक्त के पास लंबित मामलों की वर्ष वार जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए हैं. खानदानी हिस्सेदारियों के बंदोबस्त के लिए सरल योजना लाई जाए और भू-राजस्व अधिनियम की समीक्षा कर उसका सरलीकरण होगा.



उर्दू की जगह अब हिंदी का इस्तेमाल 
उर्दू में की जा रही कार्य पद्धति के स्थान पर हिंदी का प्रयोग किया जाए, जिसके लिए एक उप समिति का गठन किया जाएगा. हिमाचल में ज्यादातर लैंड रिकार्ड उर्दू में लिखा हुआ है, जिसके जानकार कम बचे हुए हैं. अब राजस्व विभाग ने पूरे रिकार्ड को हिंदी में कन्वर्ट करने के साथ-साथ हिंदी का ज्यादा इस्तेमाल करने की फैसला लिया है.

बिजली प्रोजेक्टस की बची जमीन को सरकार अपने कब्जे में लेगी 

पनविद्युत परियोजनाएं लगाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं को लीज़ पर दी गई जमीनों और पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के पास कितनी जमीनें अतिरिक्त हैं, इसकी जानकारी भी एकत्रित की जाए. उन्होंने कहा कि ब्यास, सतलुज, रावी, यमुना तट पर स्थापित विद्युत परियोजनाओं के लिए प्रदेश की जमीन दी गई है. बीबीएमबी, चमेरा, पौंग डैम इत्यादि क्षेत्र में ऐसी भूमि जो अब परियोजना के पूर्ण होने के उपरांत उपयोग में नहीं लाई जा रही है और कितनी जमीन सरप्लस है, इसकी रिपोर्ट भी उन्होंने तलब की है, ताकि इसका सरकार इस्तेमाल कर सकें.

सर्कल रेट होंगे रिवाइज, धारा 118 में सभी अनुमतियां आनॅलाइन

हिमाचल में सर्कल रेट की भी सरकार समीक्षा करेगी. इसके अलावा, धारा-118 के तहत तमाम स्वीकृतियां देने की प्रक्रिया आनॅलाइन की जाएगी, ताकि उसमें अनियमितताएं रोकी जा सकें. प्रदेश में लोगों को नौतोड़ जमीनों के पट्टे दिए गए हैं, लेकिन इनके इंतकाल नहीं हो पाए हैं. ऐसे मामलों की तहसील और उप तहसील के आधार पर पूरी जानकारी मांगी गई है.
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