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दसवीं की परीक्षा में सिलेबस के बाहर का पेपर देख हैरत में पड़े छात्र

दसवीं की परीक्षा में सिलेबस के बाहर का पेपर देख हैरत में पड़े छात्र

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित हो रही बोर्ड परीक्षाओं के दसवीं कक्षा के कंप्यूटर सांइस के परीक्षार्थियों के उस समय होश उड़ गए, जब उनके हाथ प्रश्न पत्र आया। परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए कुछ ओर ही पढ़ा था, लेकिन प्रश्न पत्र में पूरे पाठ्यक्रम से प्रश्न पूछे गए थे। जिसके कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा देना मुश्किल हो गया। शिक्षा बोर्ड की लापरवाही के चलते परीक्षार्थियों की तैयारियां धरी की धरी रह गई। आलम यह है कि बोर्ड के पेपर तैयार करने वालों ने पाठ्यक्रम से परे अर्थात पुराने सलेबस से ही पेपर बना दिया। परीक्षा में कुछ और ही प्रश्न पूछे गए थे। जिसके कारण उनका पेपर ठीक नहीं हो पाया है।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित हो रही बोर्ड परीक्षाओं के दसवीं कक्षा के कंप्यूटर सांइस के परीक्षार्थियों के उस समय होश उड़ गए, जब उनके हाथ प्रश्न पत्र आया। परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए कुछ ओर ही पढ़ा था, लेकिन प्रश्न पत्र में पूरे पाठ्यक्रम से प्रश्न पूछे गए थे। जिसके कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा देना मुश्किल हो गया। शिक्षा बोर्ड की लापरवाही के चलते परीक्षार्थियों की तैयारियां धरी की धरी रह गई। आलम यह है कि बोर्ड के पेपर तैयार करने वालों ने पाठ्यक्रम से परे अर्थात पुराने सलेबस से ही पेपर बना दिया। परीक्षा में कुछ और ही प्रश्न पूछे गए थे। जिसके कारण उनका पेपर ठीक नहीं हो पाया है।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित हो रही बोर्ड परीक्षाओं के दसवीं कक्षा के कंप्यूटर सांइस के परीक्षार्थियों के उस समय होश उड़ गए, जब उनके हाथ प्रश्न पत्र आया। परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए कुछ ओर ही पढ़ा था, लेकिन प्रश्न पत्र में पूरे पाठ्यक्रम से प्रश्न पूछे गए थे। जिसके कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा देना मुश्किल हो गया। शिक्षा बोर्ड की लापरवाही के चलते परीक्षार्थियों की तैयारियां धरी की धरी रह गई। आलम यह है कि बोर्ड के पेपर तैयार करने वालों ने पाठ्यक्रम से परे अर्थात पुराने सलेबस से ही पेपर बना दिया। परीक्षा में कुछ और ही प्रश्न पूछे गए थे। जिसके कारण उनका पेपर ठीक नहीं हो पाया है।

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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित हो रही बोर्ड परीक्षाओं के दसवीं कक्षा के कंप्यूटर सांइस के परीक्षार्थियों के उस समय होश उड़ गए, जब उनके हाथ प्रश्न पत्र आया। परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए कुछ ओर ही पढ़ा था, लेकिन प्रश्न पत्र में पूरे पाठ्यक्रम से प्रश्न पूछे गए थे। जिसके कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा देना मुश्किल हो गया। शिक्षा बोर्ड की लापरवाही के चलते परीक्षार्थियों की तैयारियां धरी की धरी रह गई। आलम यह है कि बोर्ड के पेपर तैयार करने वालों ने पाठ्यक्रम से परे अर्थात पुराने सलेबस से ही पेपर बना दिया। परीक्षा में कुछ और ही प्रश्न पूछे गए थे। जिसके कारण उनका पेपर ठीक नहीं हो पाया है।

छात्रों ने बताया कि मात्र चार प्रश्नों के अलावा कोई भी प्रश्न उन्हें समझ में नहीं आ रहा था क्योंकि परीक्षा में पूछे गए प्रश्न उनके सलेबस में ही नहीं है। यदि बोर्ड की इस वर्ष से सलेबस में बदलाव किया था, तो प्रश्न भी नए सलेबस के अनुसार आने चाहिए थे।

वहीं शिक्षा बोर्ड से इसकी जानकारी मिलते ही धर्मशाला क्षेत्र के समीपवर्ती परीक्षा केंद्रों से संबंधित अध्यापकों को प्रश्नपत्र को देखने के लिए बुलाया गया। वहीं इस संबंध में तीन सदसीय विषय विशेषज्ञों की टीम गठित कर प्रश्न पत्र में पूछे गए प्रश्न की जांच करने को कहा गया। उधर शिक्षा बोर्ड सचिव बलवीर ठाकुर ने बताया कि पेपर सेटलर के पक्ष व जांच टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार प्रश्न पत्र का प्रारूप बदला गया था फिर भी प्रश्न पत्र को लेकर जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि आगामी रिपोर्ट में यदि छात्र अहित में कोई रिपोर्ट आती है तो छात्रहित में ही फैसला लिया जाएगा।

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