जब संचालक होटल नहीं खोलने चाहते तो टूरिस्ट के लिए हिमाचल सरकार ने बॉर्डर क्यों खोले?
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जब संचालक होटल नहीं खोलने चाहते तो टूरिस्ट के लिए हिमाचल सरकार ने बॉर्डर क्यों खोले?
शिमला शहर.

करीब तीन दिन में 600 का करीब पर्यटक कोरोना संकट के बीच हिमाचल का रुख कर चुके हैं. प्रदेश में चार जुलाई को 157, पांच जुलाई को 253 और छह जुलाई को 132 पर्यटकों ने हिमाचल में प्रवेश किया है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों के लिए सीमाएं खुलने के साथ ही अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग प्रदेश पहुंच रहे हैं. लेकिन सूबे के प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट्स में संचालकों ने होटल (Hotel) खोलने से हाथ पीछे खींच लिए हैं. शिमला (Shimla), मनाली, कुल्लू, किन्नौर में होटल मालिकों ने होटल खोलने से साफ इंकार कर दिया है. उनका तर्क है कि इससे वायरस (Virus) फैलने का खतरा है.

स्थानीय लोगों में डर का माहौल
शिमला में पर्यटक बिना किसी रोकटोक के घूमते नजर आ रहे हैं. ऐसे में स्थानीय लोगों के मन में डर का माहौल बन गया है. पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में भी काफी आक्रोश है. उनका कहना है कि जब कोई तैयार नहीं था तो क्यों सरकार ने हिमाचल की सीमाओं को खोलने का फैसला लिया. टूर एंड ट्रेवल हो या होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन या फिर अन्य सामाजिक संस्थाएं हो सभी ने हिमाचल को खोलने के निर्णय के प्रति आपत्ति जताई है.

शिमला में बाजार बंद करने की चेतावनी
शिमला के व्यापार मंडल ने भी सरकार को फैसला वापस लेने के लिए ज्ञापन सौंपा था. साथ ही चेतावनी भी दी थी कि यदि सरकार सीमाओं को खोलने का अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो आने वाले समय में व्यापार मंडल सभी दुकानें बंद कर देगा. इसके अलावा, शिमला के सामाजिक कार्यकर्ता रवि कुमार ने भी डीसी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन दिया है.



सरकार का फैसला तानाशाही
शिमला के टूर एंड ट्रेवल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन पॉल ने सरकार के इस फैसले को तानाशाही निर्णय बताते हुए कहा कि लोग आर्थिक तंगी झेलते हुए भी कोरोना से बचने के लिए घरों में बंद रहे, लेकिन सरकार ने किसी ट्रेवल और होटेलियर एसोसिएशन से सलाह किए बगैर ही सीमाएं खोलने का फरमान सुना दिया. नवीन पॉल ने कहा कि सरकार ने जाने किसके लिए यह फैसला लिया है, जबकि अभी तक कोई पर्यटक बीओडी भी नहीं बनी है. उन्होंने सरकार के इस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि लोग बिना पंजीकरण करवाए या फिर चंद रुपयों के फर्जी पंजीकृत दस्तावेज लेकर आ रहे हैं.

शिमला के टूर एंड ट्रेवल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन पॉल



अपने लोगों को खुश कर रही सरकार

व्यापार का बहाना बनाकर लोग परिवार सहित प्रदेश आ रहे हैं जो कि लोगों के लिए खतरा बन सकते हैं. उन्होंने कहा कि जब सरकार के साथ कोई भी नहीं है तो सरकार किसके लिए अर्थव्यवस्था को पटरी में लाने की बात कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ अपने लोगों को खुश करने के लिए ऐसे फैसले ले रही है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा हिमाचल आने वालों की किसी भी तरह की कोई जांच नहीं की जा रही है.

शिमला की होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन भी नाखुश

शिमला के होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष संजय सूद.


भी सरकार के इस फैसले से नाखुश दिखे. उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में कोविड-19 की वजह से सबसे अधिक नुकसान पर्यटन इंडस्ट्री और उससे जुड़े लोगों को हुआ है. बावजूद इसके वे यही मांग सरकार से कर रहे थे कि प्रदेश में बाहरी राज्यों से पर्यटकों को आने की अनुमति ना दी जाए, लेकिन सरकार ने उल्ट फैसला लेकर सब प्रदेशवासियों की मेहनत पर पानी फेर दिया. होटल अभी नहीं खुले हैं और ऐसे में पर्यटकों के यहां आने से स्थानीय लोगों पर संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार दोगले नियम बना रही है जो हिमाचलियों और पर्यटकों के लिए अलग-अलग है.



सीएम जयराम का बयान
सीएम जयराम ठाकुर का कहना है कि सरकार ने किसी को होटल खोलने के लिए बाध्य नहीं किया है. जिसे होटल खोलने हैं, वह खोले, जिसे नहीं खोलने हैं वो ना खोले. सीएम ने कहा कि सरकार ने केवल होटल खोलने की अनुमति दी है. उधर, सरकार के सीमाओं को खोलने का फैसला लेने के अगले ही दिन से प्रदेश में पर्यटकों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका था. करीब तीन दिन में 600 का करीब पर्यटक कोरोना संकट के बीच हिमाचल का रुख कर चुके हैं. प्रदेश में चार जुलाई को 157, पांच जुलाई को 253 और छह जुलाई को 132 पर्यटकों ने हिमाचल में प्रवेश किया है.

राज्य में आने के लिए पंजीकरण
मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन योजना के तहत अन्य राज्यों से हिमाचल में आने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है. सोमवार को ही 17000 से अधिक लोगों ने राज्य में आने के लिए पंजीकरण करवाया है. दोपहर तक साढ़े पांच हजार से अधिक लोग राज्य में आ चुके हैं. यही नहीं, बहुत से लोग बिना सर्टिफिकेट और नकली पास के साथ भी हिमाचल में पकड़े जा चुके है. कांगड़ा में दंपति को ऐसे ही फेक कोरोना सर्टिफिकेट के साथ पकड़ा गया है. ऐसे माहौल में अगर ये सब जगह आराम से घूमते पर्यटक कोविड पॉजिटिव निकलते हैं तो उसका परिणाम काफी भयंकर होगा.
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