सेब का सीजन अभी शुरू हुआ नहीं, शिमला शहर जाम से हो उठा परेशान

सेब सीजन के शुरूआती दौर में ही प्रशासन की हवा निकल गई है. ट्रैफिक से लेकर अन्य इंतजामों की बात करें तो हालात बेहद खराब हैं.

Ranbir Singh | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 1, 2019, 7:10 PM IST
सेब का सीजन अभी शुरू हुआ नहीं, शिमला शहर जाम से हो उठा परेशान
शिमला में हर रोज 25 से 30 हजार पेटियां पहुंच रही हैं, जिसके चलते जाम लग रहा है
Ranbir Singh | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 1, 2019, 7:10 PM IST
सेब सीजन के शुरूआती दौर में ही प्रशासन की हवा निकल गई है. ट्रैफिक से लेकर अन्य इंतजामों की बात करें तो हालात बेहद खराब हैं. बागवान और किसान पहले मंडी में ही पिसते थे, लेकिन चालू सेब सीजन अब सड़क पर भी पिस रहे हैं. क्या आम और क्या खास सभी परेशान हैं. हर साल की परेशानियों को देखकर लगता है कि हमारा सिस्टम इस बात के लिए इंतजार करता है कि सीजन आए तो उसे ​ठीक करने पर विचार करें. यही वजह है कि सेब सीजन की दिक्कतें कभी दूर नहीं हो पाती हैं.

10 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगते हैं कई घंटे

Trafic Jam-ट्रैफिक जाम
मंडी में फल और सब्जी पहुंचाने के लिए हर रोज 1 हजार से ज्यादा ट्रक और 4 हजार से ज्यादा दूसरे वाहन शिमला पहुंच रहे हैं.


सेब मंडियों में लंबी-लंबी कतारों को देखने से बदइंतजामी का साफ-साफ पता चलता है. सेब और सब्जी से लदी गाड़ियों को देखने पर पता चलता है कि हालत बहुत खराब है. मच्छी बाजार में तब्दील हुई भट्टाकुफर सब्जी मंडी में बदइंतजामी बहुत आम है. यही वजह है कि बागवानों और वाहन चालकों के चेहरों पर प्रशासन के इंतजामों की कहानी पढ़ी जा सकती है. छराबड़ा से ढली और भट्टाकुफर सब्जी मंडी के बीच की दूरी 10 किलोमीटर से भी कम है, लेकिन बागवानों को यह दूरी तय करने में कई घंटो लग रहे हैं.

हर रोज पहुंच रही हैं 30 हजार सेब की पेटियां

शिमला में हर रोज 25 से 30 हजार सेब की पेटियां पहुंच रही हैं. सैकड़ों गाड़ियों में सब्जियां भरकर आ रही हैं. किन्नौर और कुल्लू जिले के आउटर सराज और अपर शिमला से आने वाली गाड़ियों के अलावा स्थानीय लोगों और बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों के आंकड़ों की बात करें तो हर रोज 4 हजार से ज्यादा गाड़ियां ढली-कुफरी मार्ग पर दौड़ती हैं जिसके चलते जगह-जगह जाम लग रहे हैं.

शहर के बाहर यहां रोकनी पड़ रही है गाड़ियां
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मंडी के अंदर के हालात तो बहुत ही खराब हैं जिसके चलते फसलों से भरी गाड़ियां रोकनी पड़ती हैं. अपर शिमला की ओर से आने वाली गाड़ियां छराबड़ा और फागू के पास रोकनी पड़ती हैं. दिल्ली,चंडीगढ़ और अन्य स्थानों से आने वाली गाड़ियों को शनान के पास रोकना पड़ता है. यही वजह है कि एपीएमसी को भी लगने लगा है कि अब मंडी का विस्तार करना पड़ेगा या फिर कुछ और विकल्प तलाशने होंगे.

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First published: August 1, 2019, 7:06 PM IST
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