अटकलों पर लगाया विराम: शिमला से शिफ्ट नहीं होगा सेना प्रशिक्षण कमान का मुख्यालय

शिमला का आरट्रैक भारत पाक युद्ध का गवाह रहा है. इस युद्ध में इसकी अहम भूमिका रही है. बीते छह माह से इसे यूपी के मेरठ में शिफ्ट करने की अटकलें चल रही थी. बता दें कि मार्च 1993 में इसे मध्य प्रदेश से यहां लाया गया था.

News18 Himachal Pradesh
Updated: July 18, 2019, 10:53 AM IST
अटकलों पर लगाया विराम: शिमला से शिफ्ट नहीं होगा सेना प्रशिक्षण कमान का मुख्यालय
शिमला से शिफ्ट नहीं होगा सेना प्रशिक्षण कमान का मुख्यालय.
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Updated: July 18, 2019, 10:53 AM IST
हिमाचल की राजधानी शिमला में सेना प्रशिक्षण कमान (आरट्रैक) का मुख्यालय फिलहाल शिफ्ट नहीं होगा. आरट्रैक को मेरठ शिफ्ट करने की अटकलों को केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने फिलहाल विराम लगा दिया है. केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाईक ने राज्यसभा में इस बात की जानकारी दी है.

ये सवाल था आनंद शर्मा का
हिमाचल से कांग्रेस के सांसद आनंद शर्मा ने इस संबंध में राज्यसभा में सवाल पूछा था. आनंद शर्मा अतारंकित सवाल में पूछा था कि रक्षा मंत्री यह बताने की कृपा करें कि  क्या सरकार ने शिमला में स्थित सेना प्रशिक्षण कमान मुख्यालय को मेरठ में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है; यदि हां, तो यह निर्णय कब और किस स्तर पर लिया गया था; इस कदम का क्या औचित्य है; इस पर कितना व्यय होने की संभावना है; क्या शिमला स्थित सेना प्रशिक्षण कमान के सेवारत अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस कदम के विरोध में अभ्यावेदन दिया है और क्या सरकार इस पर होने वाले अत्यधिक व्यय के मद्देनजर इसे मेरठ स्थानांतरित करने के अपने निर्णय पर पुनर्विचार करेगी?

जवाब में रक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीपद नाईक ने कहा था कि ऐेसा कोई प्रस्ताव सरकार के पास फिलहाल नहीं है. इसके अलावा, आनंद शर्मा ने रक्षा मंत्री को पत्र भी लिखा था.

सीएम ने रक्षा मंत्री को लिखा था पत्र
इस मामले पर हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर ने भी रक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर आरट्रैक को शिमला से ना शिफ्ट करने की अपील की थी. इसके अलावा, अनुराग ठाकुर और प्रेम कुमार धूमल ने भी रक्षा मंत्रालय को इस संबंध में चिट्टी लिखी थी और कहा था कि यह शिमला की शान है और इसे यहां से शिफ्ट ना किया जाए.

भारत पाक युद्ध का गवाह
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शिमला का आरट्रैक भारत पाक युद्ध का गवाह रहा है. इस युद्ध में इसकी अहम भूमिका रही है. बीते छह माह से इसे यूपी के मेरठ में शिफ्ट करने की अटकलें चल रही थी. बता दें कि मार्च 1993 में इसे मध्य प्रदेश से यहां लाया गया था.

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First published: July 18, 2019, 10:46 AM IST
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