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Lockdown: एप्लाई करते ही कर्फ्यू पास रिजेक्ट, शिमला MC के पार्षदों ने DC के खिलाफ खोला मोर्चा

शिमला का डीसी दफ्तर.
शिमला का डीसी दफ्तर.

डीसी शिमला अमित कश्यप का कहना है कि कर्फ्यू पास को लेकर किसी तरह की कोई कन्फ्यूजन नहीं है.

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शिमला. कोरोना वायरस (Corona Virus) के चलते लगाए गए लॉकडाउन में कर्फ्यू पास (Curfew pass) बनाने के लिए हजारों लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन कर रहे हैं. सरकार द्वारा जारी किए हेल्पलाइन नम्बर और कोविड ई पास पर भी हजारों की संख्या में लोग आवेदन कर रहे हैं, लेकिन आवेदन रिजेक्ट किया जा रहा है. ऑनलाइन (Online) आवेदन रिजेक्ट होने के बाद कर्फ्यू पास बनाने के लिए सैंकड़ों की संख्या में लोग जिला प्रशासन के द्वार पर ही पहुंचकर पास बनाने पहुंच रहे हैं. शिमला (Shimla) में डीसी कार्यालय के बाहर भी लोगों को तीन घंटे के भीतर ही पास बनाने के लिए लाइनों में लगना पड़ रहा है, लेकिन उसके बाद भी लोगों को खाली हाथ ही अपने घर जाना पड़ रहा है.

एप्लाई करते ही रिजेक्ट
कर्फ्यू पास को लेकर जहां लोग प्रशासन के दावों की पोल खोल रहे हैं, वहीं नगर निगम शिमला के पार्षद भी प्रशासन और सरकार की इस प्रक्रिया और सवाल उठा रहे हैं. निगम पार्षद दिवाकर देव शर्मा का कहना है कि प्रशासन की ओर से आपातकाल सेवा के लिए कोविड-ई पास और हेल्पलाइन नम्बर जारी किया गया है, लेकिन जैसे ही ऑनलाइन कोई व्यक्ति आवेदन करता है तो उसी समय आवेदन रिजेक्ट किया जा रहा है, जिसके चलते लोगों को डीसी ऑफिस का चक्कर लगाना पड़ रहा है. यहां पर भी अधिकतर पास रिजेक्ट किए जा रहे हैं. इससे लोगों के जरुरी कामकाज करना मुश्किल हो गया है. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वे आपातसेवा के लिए बनाए जाने वाले लोगों के पास ऑनलाइन बनाए, ताकि सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखा जा सके.

कर्फ्यू पास को लेकर कन्फ्यूजन नहीं-डीसी
डीसी शिमला अमित कश्यप का कहना है कि कर्फ्यू पास को लेकर किसी तरह की कोई कन्फ्यूजन नहीं है. उन्होंने बताया कि लॉक डाउन के दौरान सैंकड़ों की संख्या में लोग ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं. इसके अलावा ऑफलाइन भी आवेदन कर रहे हैं. ऐसे में सिर्फ आपात स्थिति में ही लोगों को पास जारी किए जा रहे हैं. इसके अलावा कृषि और बागवानी से सम्बंधित लोगों को भी पास दिए जा रहे हैं लेकिन कुछेक लोग शिमला से दूसरे जिला जाने के लिए कृषि और बागवानी का हवाला दे रहे हैं तो उस स्थिति में उसका आवेदन रिजेक्ट किया है. उन्होंने बताया कि कृषि और बागवानी के लिए सिर्फ शिमला जिला में ही तीन-चार किलोमीटर के दायरे में पास दिया जा रहा है. इसके अलावा, मेडिकल और ट्रेजडी होने पर ही आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि ऑनलाइन भी उन्हीं लोगों के आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं.



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