Atal Tunnel Rohtang: पीएम नरेंद्र मोदी का रात को केलांग में रुकने का कार्यक्रम कैंसिल, यह रही वजह

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में मनाली-लेह राजमार्ग पर अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित दुनिया की सबसे लंबी सुरंग बन कर तैयार हो गई है. सीमा सड़क संगठन (बीआओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को इस बारे में बताया.
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में मनाली-लेह राजमार्ग पर अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित दुनिया की सबसे लंबी सुरंग बन कर तैयार हो गई है. सीमा सड़क संगठन (बीआओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को इस बारे में बताया.

Atal Rohtang Tunnel: रोहतांग टनल के बाद तीन और टनल बनाने की भी तैयारी चल रही है. सीएम जयराम ठाकुर ने इसकी जानकारी दी है. यह तीनों टनल रोहतांग टनल से भी लंबी होंगी.

  • Share this:
शिमला. सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण अटल टनल रोहतांग (Atal Tunnel Rohtang) देश को समर्पित होने जा रही है. 3 अक्तूबर को पीएम मोदी इसका लोकार्पण करेंगे, जिसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं. पीएमओ (PMO) ने पहले ही कार्यक्रम को हरी झंडी दे दी है, लेकिन सख्त निर्देश भी दिए हैं कि दो जगह होने वाले कार्यक्रमों में 200 से ज्यादा लोग नहीं होने चाहिए. ऐसे में सरकार के लिए 200 लोगों में मंत्रियों, विधायकों, वरिष्ठ अधिकारियों सहित वीवीआईपी (VVIP) की सूची बनाना टेढ़ी खीर बन गया है. हालांकि, सरकार की पूरी कोशिश है कि वीवीआईपी और छोटी जनसभाओं में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 200 से पार न जाए, ताकि सभा स्थल पर सोशल डिस्टेसिंग बनी रहे.

रोहतांग टनल हिमाचल ही नहीं, बल्कि देश के लिए अति महत्वपूर्ण है. ऐसे में पीएम मोदी भी टनल के उद्घाटन में विशेष रुचि ले रहे हैं. चूंकि पीएम का लाहौल स्पीति के केलांग में भी एक रात रुकने का कार्यक्रम था, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से यह संभव नहीं हुआ. इसकी वजह आपात स्थिति में बचाव कार्यक्रम में आने वाली दिक्कतें बताई गई हैं.

क्या बोले सीएम
न्यूज 18 के साथ बातचीत में सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के लिए यह गौरव की बात है कि पीएम वर्चुअल माध्यम से नहीं, बल्कि एक्चुअल आकर टनल का उद्घाटन करेंगे. कोरोनाकाल में पीएम ने बहुत कम विजिट किया है. ऐसे में प्रदेश के लिए यह सौभाग्य की बात है.
टनल से सीमा तक पहुंचना होगा आसान


सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि रोहतांग टनल के जरिए सीमा तक पहुंचना आसान हो जाएगा. सीमाएं सुरक्षित हों और आसानी से सीमा तक अप्रोच हो जाए. इसके लिए ऐसी टनल की जरूरत महसूस की गई थी. इसके साथ-साथ लाहौल स्पीति के लोगों के लिए भी यह टनल वरदान होगी. बर्फवारी में लाहौल स्पीति शेष दुनिया से कट जाता था. अब टनल के जरिए वो 12 महीने आ-जा सकते हैं. अगर विपरीत परिस्थितियां पैदा हो जाएं. बीमारी की स्थिति में लोग डेढ़ घंटे के भीत्तर कुल्लू पहुंच सकेंगे. सीएम ने कहा कि अब सरकार टनल और टूरिज्म को आपस में जोड़ेगी. इसके लिए योजनाएं भी बनेंगी. लोग जहां अपने कृषि या बागवानी उत्पादों को बेचने के लिए आसानी से लाहौल स्पीति से बाहर ला सकते हैं तो वहीं लाहौल स्पीति में अब पर्यटन गतिविधियां भी जोर पकड़ेंगी. रोहतांग का अपना महत्व रहेगा और रोहतांग के पार नए पर्यटन स्थल विकसित होंगे.

पीएम करेंगे पर्यटन स्थलों के भी दीदार
पीएम मोदी 3 अक्तूबर को सुबह सवा 9 बजे सासे हेलिपैड में उतरेंगे. यहां पर कुछ देर रुकने के बाद साउथ पोर्टल यानी टनल के मुख्यद्वार पर लोकार्पण कार्यक्रम होगा. इसके बाद टनल से ही पीएम मोदी नोर्थ पोर्टल यानि लाहौल की तरफ जाएंगे. यहां पर सिस्सू में छोटी जनसभा होगी. पीएम सिस्सू की तरफ से मनाली की ओर टनल के जरिए बुजुर्गों से भरी एक बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. सिस्सू में छोटी जनसभा को संबोधित करने के बाद पीएम टनल के रास्ते की मनाली के सोलंगनाला आएंगे, यहां पर भी छोटी जनसभा को संबोधित करेंगे जिसमें विधायक, मंत्री, सांसद मौजूद होंगे. नोर्थ पोर्टल पर पर्यटन विभाग के द्वारा बनाए गए पर्यटन स्थल का अवलोकन करेंगे.



रोहतांग टनल के बाद अब तीन और टनल प्रस्तावित 
रोहतांग टनल के बाद तीन और टनल बनाने की भी तैयारी चल रही है. सीएम जयराम ठाकुर ने इसकी जानकारी दी है. यह तीनों टनल रोहतांग टनल से भी लंबी होंगी, जिसमें 16000 फीट से ज्यादा ऊंचाई वाले बारालाचा दर्रा में 13.2 किलोमीटर लंबी टनल बनाने की योजना प्रस्तावित है. इसी तरह लाचुंग पास पर 14.5 किलोमीट और तंगलांगला दर्रा पर भी टनल बनाने की योजना विचाराधीन है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज