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सीमा पार घुसपैठ और रोहिंग्या के मसले पर भारत को निभानी होगी बड़ी भूमिका: बांग्लादेश

बंगलादेश के विदेश राज्यमंत्री ने सीमा पार घुसपैठ और रोहिंग्या को लेकर बड़ा बयान दिया है.

बंगलादेश के विदेश राज्यमंत्री ने सीमा पार घुसपैठ और रोहिंग्या को लेकर बड़ा बयान दिया है.

India-Bangladesh Friendship Dialogue in Shimla: बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री शहरयार आलम का बयान, कहा- पाकिस्तान प्र ...अधिक पढ़ें

शिमला. भारत की उत्तर-पूर्वी सीमा में हो रही घुसपैठ और रोहिंग्या के मामले पर बांग्लादेश ने कहा है कि इस गंभीर मसले पर भारत को बड़ी भूमिका निभानी होगी. बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री मोहम्मद शहरयार आलम ने शनिवार को चार दिवसीय मैत्री संवाद के अंतिम दिन पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने ये बात कही. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भारत-बांग्लादेश काउंसिल के मैत्री संवाद आयोजन में वह शिरकत कर रहे हैं. यहां पर बांग्लादेश की आजादी के 50 वर्ष पूरा होने पर मैत्री संवाद का आयोजन हो रहा है.

विदेश राज्यमंत्री ने कहा, “पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के मुद्दे पर कहा कि “ये केवल हम दो देशों की समस्या ही नहीं रह गई है बल्कि ये पाकिस्तान समेत पूरे एशिया महाद्वीप के लिए चुनौती है, जिसे पाकिस्तान को समझना चाहिए. रोहिंग्या और बांग्लादेशी शरणार्थियों के मामले पर उन्होंने कहा कि ये बेहद संवेदनशील विषय हैं. दोनों ही देशों को अपनी-अपनी जरूरतों और चुनौतियों के हिसाब से इसका स्थाई समाधान निकालने के लिए प्रयास जारी रखने होंगे.”

मैत्री को प्रगाढ़ बनाने के लिए मेल-जोल बढ़ावा देना होगा

विदेश राज्य मंत्री शहरयार आलम ने कहा कि “इस मसले पर मानवीय दृष्टिकोण के साथ साथ कूटनीति और सुरक्षा संबंधी सावधानियों को भी सम्मिलित करना होगा. साथ ही कहा कि मैत्री को और प्रगाढ़ करने के लिए आपसी मेल-जोल को और बढ़ावा देना होगा. दोनों देशों के लोगों को नजदीक लाने के लिए सीमा के आर-पार की बंदिशों को कम करना होगा, आर्थिक, कूटनीतिक, सामाजिक और सामरिक दृष्टि से दोनों देश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

सुरेश प्रभु ने कहा-शिमला समझौता संबंधों में मील का पत्थर

मैत्री संवाद में विशेष रूप से पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे की जरूरतों को भली-भांति समझते हैं और हमारे बीच जो भी मसले हैं उनको समझने और समाधान के लिए इस तरह के संवाद और संगोष्ठियों से बेहतर परिणाम सामने आते हैं. चार दिन का ये शिमला संवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बांग्लादेश अपनी आजादी की 50 वर्षगांठ मना रहा है. शिमला समझौता इस दोस्ताना संबंध का एक मील का पत्थर साबित हुआ है.

Tags: Bangladesh Border, Shimla News

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