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हिमाचल में अपराधियों तक पहुंचने का जरिया बनेगी शराब की बोतल, जानिए कैसे?
Shimla News in Hindi

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: February 24, 2020, 9:02 PM IST
हिमाचल में अपराधियों तक पहुंचने का जरिया बनेगी शराब की बोतल, जानिए कैसे?
शराब की बोतल पर बार कोड दर्ज किया जाएगा (Demo Pic)

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि पारदर्शिता लाने के लिए ऐसा किया जा रहा है. 4 से 5 राज्यों ने इसकी शुरुआत की है, जिसमें अब हिमाचल भी शामिल होगा. शराब के ठेकों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी योजना है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की जयराम सरकार (Jairam Government) की नई आबकारी नीति शराब (Liquor) पीकर अपराध करने वालों का पता बताएगी. जी हां, आप सुनकर हैरान हो गए होंगे. दरअसल, अब हर शराब की बोतल (Wine Bottle) पर बार कोड लगाया जाएगा. बाटलिंग प्लांट से इसकी शुरुआती होगी. हिमाचल सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दी है. 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति के तहत हर शराब की बोतल पर बार कोड दर्ज होगा. इससे शराब पीकर अपराध करने वालों लगाम लगाने की कवायद है.

बोतल से मिलेगी यह जानकारी
शराब किस रास्ते से होते हुए किस ठेके पर पहुंची, इसकी भी जानकारी रहेगी. कोई भी व्यक्ति या आबकारी विभाग का अधिकारी-कर्मचारी मोबाइल एप्प से बार कोड को स्कैन करके इसकी जानकारी प्राप्त कर सकेगा. इससे शराब की तस्करी भी नहीं होगी. मिलावट करने के सारे रास्ते भी बंद होंगे. यह सारा विश्व बैंक की मदद से शुरू होने वाले डवेलपमेंटल लिंक इंडिकेटर 8 के तहत 40 करोड़ के ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट की मदद से होगा.

पारदर्शिता के लिए किया: सीएम



सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि पारदर्शिता लाने के लिए ऐसा किया जा रहा है. 4 से 5 राज्यों ने इसकी शुरुआत की है, जिसमें अब हिमाचल भी शामिल होगा. शराब के ठेकों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी योजना है, ताकि कोई व्यक्ति शराब पीकर बाद में अपराध करता है तो उसे सीसीटीवी से पहचाना जा सकेगा और बार कोड से भी उसकी पहचान आसान हो जाएगी.

सस्ती शराब पर घमासान
नई आबकारी नीति के बाद सस्ती शराब को लेकर मचे सियासी घमासान पर सीएम जयराम ठाकुर ने विपक्ष को तंज कसा है. उन्होंने कहा कि यह पारदर्शिता के पैरामीटर हैं. कांग्रेस ने अपने समय में कुछ भी नहीं किया. अब कांग्रेस नई आबकारी नीति पर सवाल उठा रही है, जो विचित्र स्थिति है. कांग्रेस के वक्त में बेवरेज लिमिटेड बनाया गया था, जिससे प्रदेश को 200 करोड़ रुपये का सालाना राजस्व घाटा उठाना पड़ा. उस निगम की जांच प्रगति पर है. ऐसे में कांग्रेस को शोर मचाने की जरूरत नहीं है.

इसलिए सस्ती की शराब
सीएम जयराम ने कहा कि शराब सस्ती करने की वजह यह है कि पड़ोसी राज्यों से ब्लैक में शराब लाई जाती है और हिमाचल में बेची जाती है. पर्यटक भी पड़ोसी राज्यों से शराब लेकर आते हैं. हालांकि सस्ती शराब पर सरकार के वैकफुट में आने के सवाल पर सीएम ने कहा कि अभी तक वे कुछ नहीं बोल रहे थे. अब तथ्यों के साथ बोलेंगे.

बहरहाल, पिछली कांग्रेस सरकार के समय शराब कारोबार के लिए अलग से निगम बनाने पर बहस छिड़ी थी. अब जयराम सरकार की आबकारी नीति पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. विधानसभा में भी यह मुद्दा गूंजेगा. ऐसे में देखना होगा कि सरकार विपक्ष के हमलों का जवाब कैसे देती है.

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First published: February 24, 2020, 4:15 PM IST
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