BBMB में फंसे हिमाचल के 4400 करोड़ रुपये, पंजाब का देने से इंकार

हिमाचल में कोरोना वायरस. (सांकेतिक तस्वीर)
हिमाचल में कोरोना वायरस. (सांकेतिक तस्वीर)

Bhakhra Bandh Management Board: मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चला है. लेकिन इस बीच बग्गी पॉवर हाउस में हिमाचल ने टांग अड़ा दी है. बहरहाल यह पूरा मामला अब सियासी विवाद का रूप ले सकता है.

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शिमला. हिमाचल में एक बार फिर से बीबीएमबी (BBMB) में अपने हिस्से पर दावा जताया है. तमाम बातचीत के बाद भी बीबीएमबी में हिमाचल के 7.19 प्रतिशत हिस्से को पंजाब नहीं दे पाया है. हालांकि, पंजाब (Punjab) 15 साल तक बिजली देने के लिए राजी हुआ था, लेकिन पिछला एरिया देने से साफ मना कर दिया था. इस पर हिमाचल (Himachal Pradesh) ने एक बार फिर से मामला उठाया है.
ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी (Sukhram Chaudhary) ने कहा कि पंजाब पुनर्गठन के बाद भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में पंजाब सहित दूसरे राज्यों ने प्रदेश का 7 दशमलव 19 प्रतिशत हिस्सा देना था. जो नहीं दिया गया. पूर्व सीएम शांता कुमार ने सबसे पहले यह मामला उठाया था. मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा, जहां हिमाचल के हक में फैसला हुआ. लेकिन अभी तक पंजाब सहित हरियाणा और राजस्थान प्रदेश का हिस्सा नहीं दे रहे हैं.

क्या बोले ऊर्जा मंत्री
ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने एक बार से मामले को तूल दे दिया है. उन्होंने कहा कि उचित समय पर उचित मंच पर इस मुद्दे को उठाया जाएगा. अब हिमाचल मजबूर प्रदेश नहीं बल्कि मजबूत प्रदेश है. सीएम जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश मजबूती से आगे बढ़ रहा है. हिमाचल की भूमि पर बना बग्गी पॉवर हाऊस फिर से विवादों में आ गया है. दरअसल, यह पावर हाउस पंजाब बनाना चाहता है जो हिमाचल में है. लेकिन हिमाचल में साफ कर दिया है कि इसमें भी प्रदेश को 7 दशमलव 19 प्रतिशत हिस्सा चाहिए. इसके अलावा 12 प्रतिशत रायल्टी चाहिए. यानी कुल 19 दशमलव 19 प्रतिशत रायल्टी हिमाचल ने मांगी है. ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा कि जब तक यह रायल्टी नहीं मिलेगी तब तक प्रोजेक्ट बनने नहीं देंगे.
हिमाचल के बिजली मंत्री सुखराम चौधरी.




बीबीएमबी में हिस्से पर बढ़ सकता है विवाद
बीबीएमबी में अपने हिस्से पर हिमाचल काफी समय से अपना दावा जता रहा है. 1966 में पंजाब पुनर्गठन के बाद बीबीएमबी में हिमाचल के हिस्से का 7 दशमलव 19 हिस्सा मिलना था. इसमें पंजाब, हरियाणा सहित राजस्थान भी शामिल है. लेकिन पंजाब से हिमाचल लगातार हिस्से की डिमांड करता आ रहा है. पूर्व में भी पंजाब ने हिमाचल के दावे को खारिज किया था, लेकिन अब 15 साल तक बिजली देने के लिए राजी भी हो गया था, किंतु एरियर देने से साफ मना किया. अब हिमाचल लगातार इस मामले को उठा रहा है. मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चला है. लेकिन इस बीच बग्गी पॉवर हाउस में हिमाचल ने टांग अड़ा दी है. बहरहाल यह पूरा मामला अब सियासी विवाद का रूप ले सकता है. इन सभी राज्यों हिमाचल का करीब 4400 करोड़ रूपये देना है. यह पैसा अगर हिमाचल को मिलता है तो प्रदेश की खराब वित्तीय हालात को भी सुधारने में मदद मिलेगी.
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