एनजीटी के आदेश के बाद अधर में लटके शिमला स्मार्ट सिटी के बड़े प्रोजेक्ट

एनजीटी ने पिछले दिनों ढाई मंजिल से अधिक के भवन निर्माण पर रोक लगाने का आदेश पारित किया था और अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. यही वजह है कि बड़े प्रोजेक्टों में देरी हो रही है.

Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 6, 2019, 7:42 AM IST
एनजीटी के आदेश के बाद अधर में लटके शिमला स्मार्ट सिटी के बड़े प्रोजेक्ट
मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि स्मार्ट सिटी शिमला को केंद्र और प्रदेश सरकार से करीब सौ करोड़ रुपए मिले हैं
Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 6, 2019, 7:42 AM IST
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में राजधानी शिमला को शामिल हुए ढाई साल हो चुके हैं. लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शिमला में जो बड़े कार्य किए जाने हैं, वे कब शुरू होंगे, इसका कोई अता-पता नगर निगम को नहीं है. बता दें कि एनजीटी ने पिछले दिनों ढाई मंजिल से अधिक के भवन निर्माण पर रोक लगाने का आदेश पारित किया था और अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. यही वजह है कि बड़े प्रोजेक्टों में देरी हो रही है. हालांकि नगर निगम ने 2906 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी के अधीन बना रखा हैं, लेकिन उनमें कोई प्रगति नहीं हुई है. इसे लेकर नगर निगम शिमला की मेयर कुसुम सदरेट भी मायूस हैं.

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में एनजीटी के आदेश के बाद रुके बड़े काम

मेयर ने अफसोस जताते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी में वो कोई काम नहीं कर पायीं हैं. सोमवार को मेयर ने  अपने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों की वस्तुस्थिति को जाना. उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत अभी तक किसी भी बड़े प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है. मेयर कुसुम सदरेट की माने तो साल 2017 में शिमला स्मार्ट सिटी में शामिल हो गया था. लेकिन अब तक न तो पीएमसी की नियुक्ति हो पाई है और न ही किसी बड़े प्रोजेक्ट कार्यों पर कोई कार्य शुरू हो पाया है. एनजीटी ने पिछले दिनों ढाई मंजिल से अधिक के भवन निर्माण पर रोक लगाने का आदेश पारित किया था. यही वजह है कि बड़े प्रोजेक्टों में देरी हो रही है. लेकिन हैरानी इस बात की है कि जो प्रोजेक्ट इसके अधीन नहीं आते, उनको लेकर भी अफसरशाही सुस्त रवैया अपनाए हुए है.

मेयर कुसुम सदरेट- meyar kusum sadaret 16/5000 Mayor Kusum Sadret
सोमवार को मेयर कुसुम सदरेट ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों की वस्तुस्थिति को जाना.


स्मार्ट सिटी के लिए जल्द पीएमसी गठित करने की मांग

मेयर कुसुम सदरेट ने कहा कि स्मार्ट सिटी शिमला को केंद्र और प्रदेश सरकार से करीब सौ करोड़ रुपए मिले हैं. इस राशि से पांच प्रोजेक्ट कार्यों का कार्य शुरु किया गया है. शहर में ई-शौचालय, कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था, मॉर्डन एम्बुलेंस, स्मार्ट स्कूल और संजौली से IGMC मार्ग को कवर्ड करने का निर्माण कार्य किया जाना है.  इसके अलावा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अब तक सात कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है. उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी का कार्य शुरु करने में कम्पनी को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसके लिए कंपनी को 23 विभागों के साथ मिलकर कार्य करना पड़ता है. इसके अलावा कुछ तकनीकी समस्याएं भी आ रही हैं जिसके चलते स्मार्ट सिटी का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है. उन्होंने प्रदेश सरकार से स्मार्ट सिटी के लिए जल्द पीएमसी गठित करने की मांग की है, का शुरू किया जा सके.

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First published: August 6, 2019, 7:40 AM IST
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