शिमला में बर्ड फ्लू खतरा: चिकन की सेल घटी, लेकिन दाम नहीं गिरे

 बर्ड फ्लू को लेकर हरियाणा सरकार अलर्ट मोड पर है, (File)

बर्ड फ्लू को लेकर हरियाणा सरकार अलर्ट मोड पर है, (File)

Bird Flu in Himachal: सीसीएफ ने बताया कि प्रवासी पक्षियों में फ्लू पाया गया है. ज्यादातर बार हैडिड गीज हैं, जो मुख्यत: साइबेरिया और यूरोप के ठंडे इलाकों से आते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 8:55 PM IST
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शिमला. कोरोना के बाद अब हिमाचल में बर्ड फ्लू (Bird Flu) के बढ़ते खतरे के बीच वन विभाग के वाइल्ड लाइफ विंग ने एतियाती कदम उठाना शुरू कर दिए हैं. पक्षीशालाओं में विषाणु रोधक दवाइयों की स्प्रे की जा रही है. शिमला (Shimla) के चौड़ा मैदान स्थित पक्षीशाला में सुबह शाम छिड़काव किया जा रहा है. काफी संख्या में लोग परींदो को देखने आते हैं. ऐसे में संक्रमण को रोकने के लिए पक्षीशाला के गेट पर शूज डिसइनफेक्टर लगाया गया है. इसे शूज बाथ भी कहा जाता है. जो भी व्यक्ति यहां आ रहा है वो इस डिसइनफेक्टर पर जूते रखकर भीतर प्रवेश कर रहा है. पक्षीशाला के कर्मचारी जय किशन ने बताया कि आला अधिकारियों के निर्देश पर यहां पर सभी एतियाती कदम उठाए जा रहे हैं.

शिमला में घटी चिकन की सेल

हालांकि, अब तक मुर्गों में संक्रमण फैसलने की खबर नहीं है लेकिन फिर भी शिमला में चिकन की सेल घट गई है. लोअर बाजार की मीट मार्केट में चिकन बेचने वाले पिंटू ने कहा कि लोगों में दहशत है. इस बजह से चिकन कम बिक रहा है. दुकानदार सुखविंद्र सिंह ने कहा कि करीब 70 फीसदी मांग घट चुकी है. दो दिनों से माल पड़ा है और बिक नहीं रहा है. उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में शहर में 10 से 12 क्विंटल चिकन की मांग रहती थी लेकिन बर्ड फ्लू के चलते अब 2-3 क्विंटल की मांग है. दाम अभी कम नहीं हुए हैं. शिमला में चिकन 240 रू. प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है और अंडे का रेट 70 रू. प्रति दर्जन है. मीट की बिक्री में कमी नहीं आई है.कुछ छोटे दुकानदारों का कहना है कि उनकी सेल में कमी नहीं है.

एमसी का दावा-शिमला में नहीं बर्ड फ्लू का मामला
नगर निगम शिमला के वेटेनरी हेल्थ ऑफिसर डॉ नीरज मोहन का दावा है कि फिलहाल जिला शिमला या आसपास के क्षेत्रों में कहीं भी बर्ड फ्लू का मामला नहीं पाया गया है, लेकिन फिर भी नगर निगम शिमला अलर्ट पर है.एहतियात के तौर पर स्लॉटर हाउस में काम करने वाले कर्मचारियों को पीपीई किट पहनकर काम करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही मास्क लगाकर काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिला शिमला के लिए पंजाब से ही मुर्गे और मटन की सप्लाई होती है, लेकिन एहतियात के तौर पर सैंपल लेकर ही सप्लाई की आपूर्ति की जा रही है. उन्होंने कहा कि कांगड़ा के पौंग डैम में बर्ड फ्लू के मामले आने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सप्लाई होने वाले मांस का सैंपल लिया जा रहा है.

बर्ड फ्लू की आशंका के चलते अलर्ट पर है एमसी

डॉ नीरज मोहन का कहना है कि अभी शिमला में पैनिक करने की कोई जरुरत नहीं है. शहर में जो भी मॉल बेचा जा रहा है, उसकी सैंपलिंग की जा रही है.फिर भी यदि कोई चिकन या मीट का सेवन करना चाहता है तो लोगों को बॉयल करके ही इसे खाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि जिला शिमला में बर्ड फ्लू का कोई मामला आता है तो सतर्कता ज्यादा बढ़ाई जाएगी.



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प्रदेश में अब तक 3 हजार से ज्यादा परिंदो की मौत

वाइल्ड लाइफ विंग के सीसीएफ अनिल ठाकुर ने बताया कि दिसंबर में कांगड़ा के पौंग बांध में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी. 28 दिसंबर को पहली मौत हुई थी, अबतक 3 हजार से ज्यादा परिदों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि ये फ्लू अब तक बड़े पैमाने पर नहीं फैला है. केवल पौंग बांध में ही इसका प्रकोप ज्यादा है. कांगड़ा के अलावा एक दो जिलों से कुछ कौओं के मरने की खबर है, उनके सैंपल लिए जा रहे हैं. अनिल ठाकुर ने कहा कि विभाग सभी जरूरी कदम उठा रहा है, जहां संक्रमण ज्यादा है उस क्षेत्र को रेड जोन घोषित किया गया है आवाजाही पर रोक लगाई गई है. जो पक्षी मर रहे हैं उन्हें तय प्रकिया के तहत डिस्पोज किया जा रहा है. जल्द ही स्थिति को काबू में कर लिया जाएगा.

प्रवासी पक्षियों में फ्लू

सीसीएफ ने बताया कि प्रवासी पक्षियों में फ्लू पाया गया है. ज्यादातर बार हैडिड गीज हैं, जो मुख्यत: साइबेरिया और यूरोप के ठंडे इलाकों से आते हैं. अक्तूबर महीने से इनके आने का सिलसिला शुरू होता है. हर साल एक लाख से ज्यादा प्रवासी पक्षी आते हैं. उन्होंने कहा कि अब तक संक्रमण के सोर्स का पता नहीं चल पाया है,इसकी जांच की जा रही है. सीएम जयराम ठाकुर ने भी बुधवार को कहा था कि बर्ड फ्लू को लेकर संबंधित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है, इसको रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
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