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भाजपा, कांग्रेस समेत निर्दलीय पार्षद भी कर रहे मेयर बनने का दावा

Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: December 11, 2019, 2:31 PM IST
भाजपा, कांग्रेस समेत निर्दलीय पार्षद भी कर रहे मेयर बनने का दावा
शिमला के पहले नागरिक के लिए कई पार्षद ने जताई उम्मीदवारी

नगर निगम शिमला (Municipal Corportatoin Shimla) में भाजपा (BJP) के पास पूर्ण बहुमत है, लेकिन कांग्रेस (Congress) और निर्दलीय (Independent) चुनाव जीतकर आए पार्षद (Independent councilor) भी मेयर और डिप्टी मेयर (Mayor and Dy Mayor) के पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं.

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शिमला. नगर निगम शिमला (Municipal Corporation Shimla) के मेयर (Mayor) और डिप्टी मेयर (Dy Mayor) के चुनाव को लेकर काउंटडाउन शुरू हो गया है. 17 दिसंबर को होने वाले चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी दावेदारी जता रहे हैं. भले ही मौजूद नगर निगम शिमला में भाजपा (BJP) के पास पूर्ण बहुमत है, लेकिन फिर भी कांग्रेस (Congress) और निर्दलीय चुनाव जीतकर आए पार्षद (Independent councilor) भी मेयर और डिप्टी मेयर के पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं. जहां भाजपा में मेयर पद के लिए कई पार्षद अंदर ही अंदर अपनी गोटियां फीट करने में जुटे हैं, वहीं कांग्रेस और निर्दलीय पार्षद भी जोड़-तोड़ की राजनीति कर अपना दावा पेश कर रहे हैं.

पार्षद शारदा चौहान ने भी मेयर पद के लिए जताई दावेदारी

निगम के शांति बिहार वार्ड से कांग्रेस से बगावत कर चुनाव जीतने वाली पार्षद शारदा चौहान ने भी मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी जताई है. शारदा चौहान का कहना है कि भाजपा शासित नगर निगम शिमला का ढाई साल का कार्यकाल बिल्कुल निरशाजनक रहा है. शहर में भाजपा पार्षदों के वार्डों में ही विकास हुआ है जबकि शहर के अधिकतर वार्डों में समस्याएं जस कि तस बनी हुई हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा शासित नगर निगम के कार्यकाल में उनके वार्ड में लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई है, जिससे वार्ड की जनता को पार्किंग से लेकर बंदरों और कुत्तों के आतंक का सामना करना पड़ रह है.

निगम के शांति बिहार वार्ड से पार्षद हैं शारदा चौहान


इस वार्ड में सफाई व्यस्वथा भी पूरी तरह से चरमरा गई है और डोर टू डोर योजना के तहत कूड़ा एकत्र करने की मुहिम भी दम तोड़ रही है. उन्होंने कहा कि नगर निगम शिमला का मेयर ऐसा होना चाहिए जो दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर का विकास कार्य करे.

कांग्रेस से बगावत लड़ा था नगर निगम चुनाव

गौरतलब है कि 2016 में हुए नगर निगम के चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस से बगावत कर चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस और भाजपा के दोनों उम्मीदवारों को हराकर जीत हासिल की थी. शारदा चौहान का कहना है कि वे कांग्रेस पार्टी के व्यवहार से भी असंतुष्ट हैं, लेकिन नई कांग्रेस में उन्होंने पार्टी के साथ हाथ मिलाकर पार्टी के हित में काम करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर को होने जा रहे मेयर पद के चुनाव के लिए वह सभी पार्षदों के साथ मिलकर अपना दावा पेश करेंगी.ये भी पढ़ें - रोहतांग दर्रा बहाल होने के बाद भी वाहनों की आवाजाही पर रोक, फिसलन बनी वजह

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First published: December 11, 2019, 2:24 PM IST
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