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BJP शासित MC शिमला का 3 साल का कार्यकाल पूरा, शहर नहीं बना Smart City

हिमाचल की राजधानी शिमला.

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माकपा नेता विजेंद्र मेहरा ने भाजपा शासित नगर निगम कर कार्यकाल को पूरी तरह से फेल बताया है. उन्होंने कहा कि भाजपा शासित नगर निगम शिमला जो अपने कार्यालय को नहीं बचा पाया है वह शहर का विकास क्या करेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 21, 2020, 11:57 AM IST
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शिमला. करीब 31 साल बाद नगर निगम शिमला (Shimla) की सत्ता पर काबिज हुई भाजपा शासित नगर निगम शिमला के कार्यकाल का तीन साल पूरा हो गया है. भाजपा शासित नगर निगम शिमला भले ही शहर में विभिन्न विकासकार्यों के दावे कर रहा है, लेकिन हकीकत ठीक इसके उलट है. कोरोना के दौर में भाजपा शासित नगर निगम (Municipal Corporation) भले ही तीन साल का जश्न नहीं मना पाया है, लेकिन शहर में नाले, पार्क और पार्किंग के अलावा किसी बड़े प्रॉजेक्ट को लेकर कार्य करने के दावे भी नहीं कर रहा है.

नगर निगम मेयर सत्या कौंडल का कहना है कि भाजपा शासित नगर निगम ने शनिवार को अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे कर दिए हैं. इन तीन सालों में उन्होंने शहर के हर वार्ड का एक समान विकास किया है, जिसमें पार्क से लेकर पार्किंग तक की सुविधा मिली है. उन्होंने कहा कि निगम ने एकजूट होकर शहर का विकासकार्य किया है.

तीन साल में टेंडर तक जारी नहीं हुए
बता दें कि स्मार्ट सिटी बनने के तीन साल बाद भी नगर निगम शिमला होने वाले स्मार्ट कार्य करने के लिए टेंडर प्रकिया नहीं कर पाया है और न ही धरातल पर कोई कार्य दिखाई दे रहा है. इसके अलावा, तीन साल पहले गठित की गई शिमला जल प्रबंधन निगम भी पानी के बिल हर माह जारी नहीं कर पाया है. निगम के तीन साल पर माकपा ने भी निशाना साधा है.
माकपा ने साधा निशाना


माकपा नेता विजेंद्र मेहरा ने भाजपा शासित नगर निगम कर कार्यकाल को पूरी तरह से फेल बताया है. उन्होंने कहा कि भाजपा शासित नगर निगम शिमला जो अपने कार्यालय को नहीं बचा पाया है वह शहर का विकास क्या करेगा. उन्होंने कहा नगर निगम शिमला तीन सालों में पुराने प्रोजेक्ट कार्यों को शुरु ही नहीं कर पाया, ऐसे में नए प्रोजेक्ट लाना तो दूर की बात है. उन्होंने भाजपा शासित नगर निगम के कार्यकाल को पूरी तरह से असफल बताया है.
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