लाइव टीवी

जेपी नड्डा की ताजपोशी: धूमल से ‘सियासी’ तकरार ने नड्डा को बनाया BJP का राष्ट्रीय अध्यक्ष!
Shimla News in Hindi

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: January 20, 2020, 11:49 AM IST
जेपी नड्डा की ताजपोशी: धूमल से ‘सियासी’ तकरार ने नड्डा को बनाया BJP का राष्ट्रीय अध्यक्ष!
जेपी नड्डा और प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल.

BJP New President JP Nadda: जगत प्रकाश नड्डा का जन्म 2 दिसंबर 1960 में पटना, बिहार में हुआ था. मूलरूप से नड्डा हिमाचल के बिलासपुर से संबंध रखते हैं. इनके पिता नारायण लाल नड्डा पटना विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और बाद में रांची विश्वविद्यालय के कुलपति बने.

  • Share this:
शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) से ताल्लुक रखने वाले जेपी नड्डा (JP Nadda) बीजेपी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष (BJP National President) बनने जा रहे हैं. सोमवार को दिल्ली में नड्डा की ताजपोशी होगी. छात्र राजनीति से सक्रिय राजनीति (Politics) में आए नड्डा ने जेपी आंदोलन (JP Movement) से राजनीति में कदम रखा था.

दुनिया से सबसे बड़ी पार्टी कहे जाने वाली बीजेपी के नए बॉस जेपी नड्डा होंगे. हिमाचल जैसे छोटे से प्रदेश के लिए यह बड़ी बात है कि एक राष्ट्रीय दल का अध्यक्ष इस प्रदेश से बनने जा रहा है. नड्डा की ताजपोशी के लिए बड़ी संख्या में बीजेपी नेता दिल्ली पहुंचे हैं.

सीएम पहुंचे हैं दिल्ली
सीएम जयराम ठाकुर, बीजेपी के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, केंद्रीय राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर, सभी सांसद और प्रदेश से कैबिनेट मंत्री कार्यकर्ताओं संग दिल्ली में मौजूद हैं. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने अपने संदेश में कहा कि नड्डा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना हिमाचल के लिए गौरव की बात है. नड्डा के साथ हमें भी काम करने का मौका मिला और आज नड्डा राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर पहुंचे हैं.

जेपी आंदोलन से निकले हैं नड्डा
जगत प्रकाश नड्डा का जन्म 2 दिसंबर 1960 में पटना, बिहार में हुआ था. मूलरूप से नड्डा हिमाचल के बिलासपुर से संबंध रखते हैं. इनके पिता नारायण लाल नड्डा पटना विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और बाद में रांची विश्वविद्यालय के कुलपति बने. जेपी नड्डा की शुरूआती शिक्षा बिहार में हुई और स्नातक पटना विश्वविद्यालय से पूरी की. नड्डा ने पटना में एबीवीपी में सक्रिय रहकर अनेक छात्र आंदोलनों में हिस्सा लिया. उस समय 1975 में चल रहे जय प्रकाश नारायण आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई. इसके बाद हिमाचल में वापस आकर एलएलबी की पढ़ाई करते हुए हिमाचल विश्वविद्यालय में एबीवीपी से छात्र संघ के पहले निर्वाचित अध्यक्ष बने. एक तरह से एबीवीपी का बूटा ही नड्डा ने एचपीयू कैंपस में लगाया. नड्डा 1984 में एबीवीपी के हिमाचल ईकाई के संगठन मंत्री भी रहे.

पहली बार बने विधायक और मंत्रीजेपी नड्डा महज 31 साल की उम्र में 1991 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए थे. यही से नड्डा का राष्ट्रीय राजनीति में पदार्पण हुआ है. 1993 में पहली बार बिलासपुर से विधायक चुने गए और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए बनाए गए. 1998 से 2003 तक भी बिलासपुर सदर से विधायक चुनकर आए, लेकिन सीएम बनने की अपनी इच्छा पूरी नहीं कर पाए. उस वक्त हिमाचल में पंडित सुखराम की हिमाचल विकास कांग्रेस ने बड़ा उलटफेर किया था और प्रो. प्रेम कुमार धूमल सीएम बन गए. नड्डा इस कार्यकाल में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री बने. नड्डा 2007 से 2012 के बीच भी बिलासपुर सदर से विधायक रहे और इस दौरान प्रदेश के वन मंत्री रहे.

धूमल के साथ नहीं बैठा सांमजस्य
2003 के बाद हिमाचल में धूमल, नड्डा और शांता कुमार भाजपा के बड़े खेमे थे. नड्डा की धूमल के साथ नहीं बनी और अंतत: नड्डा 2012 में राज्यसभा के जरिए केंद्र की राजनीति में चले गए. 2014 में मोदी सरकार आने पर केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री बने. 2019 में मोदी सरकार-2.0 आने पर नड्डा ने मंत्री पद की शपथ नहीं ली थी और उन्हें बाद में बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया. अब चूंकि पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने जा रहे हैं, ऐसे में नड्डा का कद और ज्यादा बढ़ गया है.

jp nadda
जेपी नड्डा की ताजपोशी में दिल्ली पहुंचे हिमाचल के नेता.


जेपी नड्डा के लिए बड़ी हैं चुनौतियां
बीजेपी नेता गणेश दत्त का कहना है कि नड्डा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर हिमाचल का कद भी देश में बढ़ा है. यह हिमाचल के लिए गौरव की बात है. जेपी नड्डा की बीजेपी में एक रणनीतिकार की भूमिका रही है. लोकसभा चुनाव में भी नड्डा को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाकर भेजा गया था और उस दौरान बीजेपी ने 80 में से 62 सीटें जीतीं थीं. नड्डा बीजेपी संसदीय बोर्ड के भी सचिव रहे हैं. ऐसे में आने वाला समय नड्डा के लिए चुनौतिपूर्ण हो सकता है, क्योंकि अमित शाह के रूप में बीजेपी में एक बड़े कदम का नेता अध्यक्ष था. ऐसे में नड्डा को भी अमित शाह जैसा अपना कद बनाना होगा. साल 2021 में पश्चिम बंगाल के चुनाव नड्डा की पहल बड़ी परीक्षा साबित हो सकते हैं.

ये भी पढ़ें: कश्मीर में फंसा फौजी ‘दूल्हा’ जल्द पहुंचेगा घर, सेना बोली- जिंदगी इंतजार करेगी

PHOTOS: मनाली में दो युवकों ने बनाए ‘Igloo’, दीदार के लिए पंहुच रहे टूरिस्ट

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए शिमला से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 20, 2020, 11:44 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर