हिमाचल में ब्लू व्हेल गेम से पहली मौत, 11 साल के बच्चे ने लगाई फांसी

News18Hindi
Updated: September 13, 2017, 8:51 PM IST
हिमाचल में ब्लू व्हेल गेम से पहली मौत, 11 साल के बच्चे ने लगाई फांसी
बच्चे का मौत से पहले छोड़ा गया नोट.
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Updated: September 13, 2017, 8:51 PM IST
देश और दुनिया भर में मौत का जरिया बन रही ब्लू व्हेल गेम से हिमाचल में पहली मौत रिपोर्ट हुई है. एक 11 साल के बच्चे ने इस गेम से प्रेरित होकर फंदा लगाकर जान दे दी है. मामला शिमला के ठियोग का है.

यहां देहा बल्सन के बागड़ी गांव में पांचवीं के छात्र ने अपने घर में फंदा लगा कर आत्महत्या कर दी. जान देने से पहले 11 साल के बच्चे ने हाथ की नस भी काट ली थी और एक पेज पर लिखा था कि ‘ये पहेली सुलझाओ.’

11 साल का यह बच्चा ठियोग के निजी स्कूल में पांचवीं में पढ़ता था. जानकारी मिली है कि दो दिन पहले स्कूल में ब्लू व्हेल के बारे में काउंसिलिंग भी हुई थी. बच्चे के माता-पिता को जानकारी नहीं थी कि उनका बेटा ये गेम खेल रहा है.

बच्चे के जीजा ने बताया कि उसने बड़े ही प्रोफेशनल तरीके से घर में बल्ली से रस्सी का फंदा बनाया और उस पर झूल गया. उन्होंने बताया कि उसकी बॉडी पर हालांकि किसी तरह के कट का निशान नहीं मिला है. ना ही उसके पास कोई मोबाइल फोन था, लेकिन घर के काम में लगे मिस्त्री के फोन पर वह गेम खेलता था.

उधर, पुलिस और जिला प्रशासन इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहा है.शिमला की एसपी सौम्या सांबशिवम ने मामले पर कोई जानकारी होने से इंकार किया है. एसडीएम ठियोग भी मामले में कुछ भी कहने से बचते नजर आए.

ये लिखा है एक पेज पर
बच्चे ने पेज पर लिखा- ‘मुझे देखना है ना तो स्टोर रूम में जाना. पर मैं और कोई मुझसे प्यार नहीं करता. इसिलए में जा रहा. मैं अमित मरने जा रहा हूं. ये सजा नहीं, नस काटना, वगैहरा-वगैहरा. मैं अपने आपको फांसी की सजा देता हूं.’ सॉरी आप मुझे देख नहीं पाए. ये पहेली सुलझाओ.’

सोलन में भी आ चुका है ऐसा ही एक मामला
बता दें कि सोलन में भी ब्लू व्हेल से जुड़ा ऐसा मामला सामने आ चुका है. लेकिन बच्चे के पैरेंट्स की सतर्कता के चलते मामले का खुलासा हो गया था. बच्चे के बाजुओं पर कट के निशान देखकर परिजनों को गेम खेलने की भनक लग गई थी.
First published: September 13, 2017
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