हिमाचल में विकास कार्यों के बजट में 1500 करोड़ की बढ़ौतरी, प्लानिंग बोर्ड ने दी मंजूरी

6 मार्च को राज्‍य का बजट पेश होगा.

6 मार्च को राज्‍य का बजट पेश होगा.

सामान्य विकास कार्यक्रम पर कुल राज्य विकास बजट का 64.82 प्रतिशत पैसा खर्च होगा. सामान्य विकास कार्यक्रम के लिए 6096.70 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के लिए 2369.22 करोड़, अनुसूचित जनजाति विकास कार्यक्रम के लिए 846.49 करोड़ और पिछड़े क्षेत्र विकास कार्यक्रम के लिए 93 करोड़ रुपये बजट बांटा गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 11, 2021, 11:31 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के राज्य योजना बोर्ड ने विकास कार्यों के सालाना बजट में इस साल 1500 करोड़ रुपये की बढ़ौतरी की है. शिमला में राज्य सचिवालय में सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) की अध्यक्षता में हुई योजना बोर्ड की बैठक में राज्य विकास बजट के लिए 9405.41 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी.

पुरानी प्रणाली समाप्त

सीएम ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने बजट के लिए योजना और गैर योजना श्रेणियों की पुरानी प्रणाली समाप्त करने का फैसला लिया है. 2021-22 से वार्षिक योजना के स्थान पर अब वार्षिक विकास बजट प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया. सीएम ने कहा कि नई प्रणाली में सभी 4 उप-योजनाओं के नाम बदल दिए गए हैं. सामान्य योजना, अनुसूचित जाति उप-योजना, जनजातीय उप-योजना और पिछड़ा क्षेत्र उप-योजना के नाम अब सामान्य विकास कार्यक्रम, अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम, अनुसूचित जनजाति विकास कार्यक्रम और पिछड़ा क्षेत्र विकास कार्यक्रम रखें जाएंगे. सीएम ने कहा कि नाम परिवर्तित किए गए हैं लेकिन अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए धन के आबंटन में कोई कमी नहीं की गई है.

इतने पैसे खर्चेगी सरकार
एनुअल प्लान के तहत सामान्य विकास कार्यक्रम पर कुल राज्य विकास बजट का 64.82 प्रतिशत पैसा खर्चा जाएगा. सामान्य विकास कार्यक्रम के लिए 6096.70 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के लिए 2369.22 करोड़, अनुसूचित जनजाति विकास कार्यक्रम के लिए 846.49 करोड़ और पिछड़े क्षेत्र विकास कार्यक्रम के लिए 93 करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं.

बैठक में ये बोले सीएम

बैठक के दौरान सीएम ने कहा कि कोरोना के चलते अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. राज्य सरकार ने प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए इन्वेस्टर मीट का आयोजन किया. नामी उद्योगपतियों ने 96 हजार करोड़ रू. के एमओयू साइन किए हैं, जिसमें अब तक 13 हजार 600 करोड़ रू. की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की गई गई. जल्द ही 10 हजार करोड़ रू. की अन्य परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की जाएगी. केद्र सरकार ने महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, आत्मनिर्भर भारत योजना और डिसकोम के तहत प्रदेश को 7,161 करोड़ रु. की वित्तीय सहायता दी है. इस वित्तीय वर्ष में जीएसटी क्लेक्शन अच्छा हुआ है. सरकार ने अपने आय के स्त्रोत बढ़ाने के लिए कई आवश्यक कदम उठाए हैं और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने के लिए कई कठोर कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि अब मौजूदा बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर ध्यान दिया जाएगा. राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने कहा कि बैठक में शामिल हुए सदस्यों ने काफी महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं. साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत करने के अलावा बेरोजगारी जैसी समस्या को दूर करने के लिए कई सुझाव दिए, जिन पर अमल किया जाएगा.
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