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हिमाचल में 100 फीसदी सीटिंग कैपेसिटी के साथ चलेंगी बसें, वाहन पंजीकरण शुल्क बढ़ा

हिमाचल में 100 फीसदी सीटिंग कैपेसिटी के साथ चलेंगी बसें, वाहन पंजीकरण शुल्क बढ़ा

एचआरटीसी 1 जून से बस सेवा बहाल हो गई है.

एचआरटीसी 1 जून से बस सेवा बहाल हो गई है.

हिमाचल में फिलहाल बसों को किराया नहीं बढ़ेगा. सरकार ने निजी बस संचालकों की मांग पर किराया बढ़ाने से इंकार कर दिया है. निजी बस संचालक मिनिमम किराया दस रुपये करने की मांग कर रहे थे.

    शिमला. हिमाचल प्रदेश में अब बसों (Buses) में 100 फीसदी सवारियां बैठाने को मंजूरी दी गई है.कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने यह फैसला लिया है. कैबिनेट बैठक में परिवहन निगम (Transport Corporation) और निजी बस ऑपरेटरों के लिए सरकार की ओर से यह मंजूरी दी है.

    सितंबर तक नहीं लगेगा ग्रीन सेस और फिटनेस फीस
    कैबिनेट ने वाहन मालिकों को ग्रीन सेस और फिटनेस फीस सितंबर तक माफ करने का फैसला लिया है. वाहन मालिकों से यह फीस 800 से 1000 रुपये तक ली जाती है. वाहनों की पासिंग को अब पेंट कराने की जरूरत नहीं होगी. सिर्फ मेकेनिक पार्ट्स ठीक होने चाहिए.

    हिमाचल में वाहन शुल्क हुआ महंगा
    हिमाचल में वाहन पंजीकरण शुल्क महंगा हो गया है. पहले यह शुल्क ढाई से 4 फीसदी था. अब इसे बढ़ाकर 7 से 10 फीसदी किया गया है. यानी 50 हजार तक मोटरसाइकल पर 7 फीसदी टैक्स, 50 हजार से 2 लाख तक 8 फीसदी, दो लाख व इससे ज्यादा तक 10 फीसदी पंजीकरण शुल्क लगेगा. कार पर शुल्क 8 से 10 फीसदी किया है. बाहरी राज्यों से सवारियां लेकर हिमाचल आने वाली छोटी-बड़ी बसों से सरकार 100 फीस कंपोजिट फीस लेगी. पहले एक महीने हिमाचल आने पर ऑपरेटरों से 15 दिन तक की कपोजिट फीस ली जाती थी.

    नहीं बढ़ेगा किराया, निजी बसें भी चली
    हिमाचल में फिलहाल बसों को किराया नहीं बढ़ेगा. सरकार ने निजी बस संचालकों की मांग पर किराया बढ़ाने से इंकार कर दिया है. निजी बस संचालक मिनिमम किराया दस रुपये करने की मांग कर रहे थे. वहीं, प्रदेश में पूरी तरह से निजी बसों का संचालन शुरू हो गया है. बीते गुरुवार से सूबे की सड़कों पर निजी बसें चल पड़ी हैं.

    Tags: Corona Cases, HRTC

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