Home /News /himachal-pradesh /

हिमाचल की ‌BJP सरकार को उपचुनाव में ‘खेला होने’ का डर, चुनाव टलने से राहत!

हिमाचल की ‌BJP सरकार को उपचुनाव में ‘खेला होने’ का डर, चुनाव टलने से राहत!

हिमाचल में चार स्थानों पर उपचुनाव होने हैं.

हिमाचल में चार स्थानों पर उपचुनाव होने हैं.

By-elections in Himachal: हिमाचल में मंडी लोकसभा सीट के अलावा, तीन विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं, लेकिन फिलहाल इन्हें टाल दिया गया है.

शिमला. हिमाचल प्रदेश में एक लोकसभा और तीन विधानसभा सीटों पर उप चुनाव फिलहाल टल गए हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, प्रदेश में कोरोना, आपदा, सेब सीजन और त्यौहारी सीजन को देखते हुए फिलहाल चुनाव करवाना सही नहीं है. मुख्यमंत्री ने भी यही कारण गिनवाएं हैं. सीएम का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में शायद चुनाव करवाना संभव नहीं है लेकिन इस पर अंतिम फैसला चुनाव आयोग का ही होता है.

ये तथ्य जरूर हैं लेकिन सियासी गलियारों में कुछ और ही बयार बह रही है. सियासी पंडितों का कहना है कि इन उप चुनावों में भाजपा को ‘खेला होने’ का डर था, जिसके चलते निर्वाचन आयोग को सरकार ने कुछ ऐसी रिपोर्ट भेजी, जिससे चुनाव टालने का फैसला लेने में आयोग को आसानी हो. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस तो खुले तौर पर ये कह रहा है कि मुख्यमंत्री के पास इंटेलिजेंस से लेकर अन्य तमाम ऐजेंसिंयों की रिपोर्ट है कि भाजपा की सियासी जमीन खिसकना शुरू हो चुकी है और इस वक्त अगर चुनाव हुए तो खेला हो सकता है. कोरोना, महंगाई, बेरोजगारी और किसानों-बागवानों के मुद्दे जय राम सरकार पर भारी पड़ते हुए नजर आ रहे हैं.

क्या कहती है कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता नरेश चौहान का कहना है कि जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के पास चार बार पहुंची और जो अंतिम रिपोर्ट है उसमें भाजपा कांग्रेस से 7 हजार मतों से पीछे चल रही है. उनका कहना है कि कांग्रेस चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार थी, भाजपा सरकार जब से सत्ता में आई है तब से दिशाहीन है, जो वायदे जनता से किए थे, वो पूरे नहीं कर पाई और कोरोना के समय जो हुआ वो सबके सामने है. उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ हर वर्ग में रोष है, ये बात सीएम अच्छे से जानते हैं कि माहौल भाजपा के खिलाफ है, इसलिए सरकार चुनाव नहीं चाहती है. वहीं, दूसरी ओर माकपा नेता डॉ. कुलदीप सिंह तनवर का कहना है कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में चुनाव न करवाने के पीछे जो तथ्य पेश किए गए हैं वो सही हो सकते हैं, लेकिन ये लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. इस लिहाज से फहतेहुपर में लोगों की नुमाइंदगी तो दो साल तक नहीं हो सकती है. उन्होंने कहा कि चुनाव नहीं करवाने के पीछे की मंशा यही है कि जनता के रोष से बचा जा सके, सरकार को खतरा महसूस हो रहा है कि अगर उप चुनाव उनके पक्ष में नहीं गए तो आगामी विधानसभा चुनावों में इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को अपने फैसले पर पुर्नविचार करना चाहिए.

क्या कहती है भाजपा

वहीं दूसरी ओर भाजपा के उपाध्यक्ष गणेश दत्त का कहना है कि विपक्ष की बातों में कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो यही चाह रही थी कि चुनाव टलें क्योंकि कांग्रेस के पास न तो नेता है न तो नीति है और न ही दिशा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के आरोप निराधार हैं, उनमें कोई दम नहीं है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग किसी के दबाव में काम नहीं करता है. उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी तरह से चुनावों के लिए तैयार है, भाजपा अपने काम के दम पर सभी सीटों पर जीत दर्ज करेगी. उन्होंने कहा कि ये राजनीतिक बयानबाजी नहीं है, ये विश्वास की स्टेटमेंट है, क्योंकि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने शानदार काम किया है. कोरोना काल में चैंपियन बनकर उभरे हैं.

Tags: Himachal election, Himachal news, Mandi news, Shimla News

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर