Assembly Banner 2021

भांग की खेती कराएगी हिमाचल सरकार, कानूनी दर्जा देने और नीति बनाने पर कर रही विचार

सीएम ने कहा कि भांग की खेती को सरकारी नियंत्रण में करने से यह आय का बड़ा साधन बन सकती है.

सीएम ने कहा कि भांग की खेती को सरकारी नियंत्रण में करने से यह आय का बड़ा साधन बन सकती है.

Bhang Farming in Himachal: हिमाचल प्रदेश में भांग को नशे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. कुल्लू जिले में मलाणा क्रीम से यह फेमस है और बड़े पैमाने पर भाग का नशा किया जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 6, 2021, 10:44 AM IST
  • Share this:
शिमला. हिमाचल प्रदेश में भांग (Cannabis) की खेती कानूनी दर्जा देने के लिए नीति बनाने पर प्रदेश सरकार विचार करेगी. यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने हिमाचल विधानसभा (Himachal Assembly) में एक संकल्प के जवाब में कही. दरअसल, भाजपा विधायक रमेश ध्वाला इस संबंध में विधानसभा में एक संकल्प प्रस्ताव लेकर आए थे. इसका सीएम जयराम ठाकुर ने जवाब दिया है.

सीएम ने कहा कि भांग की खेती को सरकारी नियंत्रण में करने से यह आय का बड़ा साधन बन सकती है. अन्य राज्य भी कानूनी तौर पर इसकी खेती की अनुमति देने लगे हैं. इसका इस्तेमाल दवा में होता है और इसे वस्त्र, जूतों व रस्सी बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. बहुत फायदे हैं. हालांकि, दूसरा पहलू यह है कि इसे नशे के तौर इस्तेमाल किया जाता है, जो युवाओं के भविष्य को खराब कर सकता है.

खुद सीएम लाए थे प्रस्ताव
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि वह भांग की खेती को कानूनी दर्जा देने के पक्ष में हैं. 24 जून, 2004 को विधानसभा में गैर सरकारी दिवस पर इसी संकल्प को लेकर आए थे. इस संकल्प पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के जवाब से संतुष्ट होकर रमेश धवाला ने अपना संकल्प वापस ले लिया. बता दें कि एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत प्रदेश में भांग की खेती करना और बेचना कानूनी अपराध है.
कई मंचों पर उठी है मांग


इससे पहले, भाजपा सदस्य रमेश धवाला ने संकल्प प्रस्तुत करते हुए कहा कि भांग नशे के लिए ही नहीं, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बेहतर है और एक रामबाण औषधि है. प्रदेश में भांग की खेती को कानूनी दर्जा मिलने से राज्य की आर्थिकी बेहतर हो सकती है. बता दें कि इससे पहले भी कई मंचों पर हिमाचल में भांग की खेती को कानूनी मान्यता देने की मांग उठ चुकी है. पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भाग की खेती को कानूनी मान्यता दी गई है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज