हिमाचल में सीमेंट के बढ़ते दामों पर बोले उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह- हम बेबस, दाम नहीं कर सकते तय

हिमाचल के उद्योग मंत्री विक्रम सिंह.
हिमाचल के उद्योग मंत्री विक्रम सिंह.

हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री (Himachal Industry Minister) का दावा है कि कानून लाकर सीमेंट रेट निर्धारण का अधिकार प्रदेश के पास रखा जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 7:17 AM IST
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शिमला. हिमाचल में सीमेंट (Cement) के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. कोरोना काल में सीमेंट के दामों ने रफ्तार पकड़ी है, जिससे आम लोगों का घर बनाना महंगा हो गया है. हालात ये हैं कि सीमेंट के बढ़ते दाम के चलते लोग भी परेशान हो गए हैं. दूसरी तरफ, सरकार ने साफ-साफ कह दिया है कि सीमेंट के दाम कम करना उनके वश में नहीं है.

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह (Bikram Singh) ने कहा कि सीमेंट का दाम बढ़ना दुर्भाग्यपूर्ण है. हमने कंपनियों को भी तलब किया था. उनका तर्क है कि तेल के रेट बढ़ गए हैं और ट्रांसपोर्ट खर्चा भी ज्यादा हो गया है. उद्योग मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार उनके तर्कों से सहमत नहीं है, क्योंकि जब तेल (Oil) के दाम गिरते हैं तो रेट क्यों नहीं घटाए जाते हैं. हिमाचल में तीन सीमेंट फैक्ट्रियां हैं. मंत्री ने यह भी कहा ि‍कि वह इस मामले में बेबस हैं, क्‍योंकि सरकार सीमेंट की दरें तय नहीं कर सकती हैं.

रेट निर्धारण के लिए कानून लाएगी सरकार
नियमों के तहत सरकार सीमेंट के दाम का निर्धारण नहीं कर सकती है, लेकिन अब हिमाचल सरकार सीमेंट की कीमत निर्धारण करने को लेकर कानून लाने जा रही है. उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से भी बात की जाएगी. सीमेंट के निर्धारण के लिए प्रदेश के पास भी पैमाना हो. मंत्री ने उद्योग विभाग के अधिकारियों को कानून तैयार करने के निर्देश दिए हैं. तब तक प्रदेश सरकार यह भी विचार कर रही है कि सरकारी निर्माण में लगने वाले सीमेंट के लिए कंपनियों से रेट कांट्रेक्ट होता है. उस रेट कांट्रेक्ट के जरिए कुछ प्रतिशत राहत आम लोगों को दी जा सकती है.
हिमाचल में तीन कंपनियां बनाती हैं सीमेंट


हिमाचल में तीन बड़ी कंपनियां सीमेंट तैयार करती हैं, जिसमें एसीसी, अबुंजा और अल्ट्राटेक शामिल हैं. प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है. इसके बावजूद प्रदेश में सीमेंट महंगा मिलता है और पड़ोसी राज्यों में सस्ता दिया जा रहा है. यह हमेशा राजनीतिक मुद्दा भी बनता है, लेकिन अब तक कोई हल भी नहीं निकला है. बहरहाल, अब उद्योग मंत्री का दावा है कि कानून लाकर सीमेंट रेट निर्धारण का अधिकार अपने पास रखेंगे. गौरतलब है कि इस बार कोरोना काल में 5 रुपये से लेकर 20 रूपये तक सीमेंट के दामों में वृद्धि हुई है.
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