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COVID-19: हिमाचल में 2.5 लाख छात्रों की परीक्षाएं करवाने की चुनौती, तैयारियों में जुटा HPU

हिमाचल में एग्जाम. (सांकेतिक तस्वीर)

हिमाचल में एग्जाम. (सांकेतिक तस्वीर)

Exams in Himachal: अब ग्रेजुएशन की तर्ज पर पीजी की परीक्षाएं (Exams) करवाने की तैयारियां चल रही हैं. इस बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने NET/JRF की परीक्षा की तिथियों की घोषणा कर दी है, इससे हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी (HPU) की परेशानी बढ़ी है.

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शिमला. कोरोना संकट (Corona Virus) के बीच तमाम खतरों और बाधाओं को दरकिनार कर हिमाचल सरकार (Himachal Govt) परीक्षाएं करवा रही है. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय(HPU) प्रशासन पर अढ़ाई लाख से ज्यादा छात्रों (Students) की परीक्षाएं करवाने की चुनौती है. इस वक्त यूजी (UG) की परीक्षाएं चल रही है. अब ग्रेजुएशन की तर्ज पर पीजी की परीक्षाएं करवाने की तैयारियां चल रही हैं. इस बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने NET/JRF की परीक्षा की तिथियों की घोषणा कर दी है, जिसने HPU की परेशानी को और बढ़ा दिया है.

ये बोले परीक्षा नियंत्रक

एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ.जेएस नेगी ने जानकारी दी कि NET/JRF की परीक्षा दो चरणों में 16-18 सितंबर और 21-25 सितंबर करवाने की जानकारी मिली है. इसको देखते हुए पीजी एग्जाम की डेटशीट दो दिन बाद जारी होगी. 40 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों में पीजी की परीक्षाएं करवाई जाएंगी. यूजी की तर्ज पर छात्र अपने घर नजदीकी महाविद्यालयों में परीक्षा दे पाएंगे.



इस बार बाहरी राज्यों में परीक्षा केंद्र नहीं
हिमाचल के बाहर इस बार किसी भी राज्य में परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है. ऐसे में बाहरी राज्यों के जो छात्र एचपीयू से पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें हिमाचल आना होगा. एचपीयू उन चुनिंदा संस्थानों में से जिसने पत्राचार के माध्यम से पढ़ाई करवाना शुरू किया था, जिसके चलते देश के कोने-कोने से छात्र एचपीयू से पढ़ाई करते हैं. जो परीक्षा केंद्र यूजी के लिए बनाए गए हैं, उनमें भी परेशानियां बहुत हैं. गृह मंत्रालय के एसओपी के तहत 2 गज की दूरी जरूरी है, लेकिन छोटे और नए खुले महाविद्यालयों में इसकी पालना में दिक्कत आ रही है. भौगोलिक परिस्थति को देखें को उसको लेकर भी छात्रों को आने जाने में परेशानी हो रही है. बसों की कमी भी बड़ी दिक्कत है.

'छात्र परेशान न हों'

इस बीच जेएस नेगी ने छात्रों का होंसला बढ़ाते हुए कहा कि वो चिंता न करें, हिमाचल के छात्र बहादुर हैं, चुनौतियों से निपटना जानते हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों पर मानसिक रूप से दबाव काफी है, लेकिन छात्र निश्चिंत होकर पढ़ाई पर ध्यान दें और पेपर दें. जो ज्यादा बीमार है या अन्य कोई बड़ी बाधा है तो वह पेपर न दें, उसकी सूचना दें . उनकी परीक्षा बाद में भी करवाई जाएंगी.

मेडिकल और इंजीनियरिंग की परीक्षा की चुनौती

एचपीयू को इस साल कोरोना के चलते रद्द हुईं MBBS, MDS(सप्लीमेंटरी) परीक्षा, लैब टैक्नोलॉजिस्ट, नर्सिंग, यूजी,पीजी, बीएएमएस, BHMS, BDS,B.Ed. इंजीनियरिंग की परीक्षाएं अब करवाने की चुनौती है. प्रश्न पत्र भेजने से लेकर स्टाफ के रहने-खाने की व्यवस्था की भी चुनौती है, लॉकडाउन के चलते होटल बंद हैं, ज्यादातर सरकारी गेस्ट हॉउस या तो क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं या  डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को ठहराया गया है, ऐसे में जो गाड़ियां प्रश्नपत्र लेकर गई हैं, उस स्टाफ को परेशानी उठानी पड़ रही है.परीक्षा परिणाम की बात करें तो वो भी बड़ी चुनौती है. एचपीयू की परीक्षा शाखा में करीब 70 कर्मचारियों की और जरूरत है.
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