….तो क्या यात्रा भत्ता बढ़ाने का फैसला वापस लेगी हिमाचल सरकार?

News18 Himachal Pradesh
Updated: September 6, 2019, 11:30 AM IST
….तो क्या यात्रा भत्ता बढ़ाने का फैसला वापस लेगी हिमाचल सरकार?
हिमाचल में मंत्री और एमएलए का यात्रा भत्ता चार लाख किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में 19 से 31 अगस्त तक मॉनसून सत्र (Monsoon Session) चला था. इस दौरान अंतिम दिन सरकार ने बिल पारित कर मंत्री और विधायकों का यात्रा भत्ता ढाई लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपये (Lakhs) सालाना किया गया है

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मंत्रियों और विधायकों के यात्रा भत्ते (Travel Allowance) बढ़ाने को लेकर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. सियासी नेताओं के बयानों और आम जनता के विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर है. बड़ा सवाल अब यह है कि क्या हिमाचल सरकार इस फैसले से पीछे हटेगी? और भत्ता बढ़ोतरी का फैसला वापस लेगी. सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने भी भत्ते बढ़ाए हैं. हमारी सरकार के फैसले को बेवजह तूल दिया जा रहा है. जिन विधायकों को फैसले पर आपत्ति है तो वे लिख कर दे सकते हैं. सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करेगी.

यह बोले थे धूमल
बुधवार को पूर्व सीएम और भाजपा के नेता प्रेम कुमार धूमल (Prem Kumar Dhumal) ने कहा था कि विधायक अपने ही वेतन-भत्ते बढ़ाएंगे तो आलोचना तो होगी ही. खासकर ऐसे वक्त पर जब प्रदेश आर्थिक संकट से गुजर रहा हो. धूमल ने कहा था कि मंत्रियों और विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने के लिए भी पे-कमीशन होना चाहिए. इस पर सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि बहुत से लोग हमारे मार्गदर्शक हैं, हम सबका अभिनंदन करते हैं.

केवल सिंघा ने किया था विरोध

यात्रा भत्ते बढ़ाने का विरोध केवल सीपीआईएम विधायक राकेश सिंघा ने किया था. कांग्रेस और भाजपा के सभी विधायकों ने विधानसभा में बिल का समर्थन किया था. हालांकि, निजी तौर पर कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भत्ता बढ़ाने का विरोध किया था, लेकिन सदन में जब बिल पारित हो रहा था तो वह चुप्प रहे. अब जनता के विरोध के बाद दो विधायकों ने यात्रा भत्ता लेने से इंकार कर दिया है.

यह बोले पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुक्खू
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कहना है कि जब बिल को सदन में लाया गया था, उस पर मैंने भी चर्चा की थी. लेकिन न तो विधायकों का वेतन बढ़ा और न ही भत्ता. केवल यात्रा के लिए किया जाने वाले क्लेम की आउटर लिमिट बढ़ी है. सोशल मीडिया में इस तरह से चर्चा हो रही है जैसे माननीयों के वेतन बढ़ गए हों. सुक्खू ने यह भी कहा कि कुछ विधायक भत्ता न लेने की बात कह रहे हैं. उन विधायकों को अपना वेतन और सभी तरह के भत्ते भी छोड़ने चाहिए. क्योंकि इस भत्ते को 68 में से 60 विधायक ही लेते हैं.
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साठ फीसदी बढ़ाया, चार लाख हुआ भत्ता
हिमाचल में 19 से 31 अगस्त तक मॉनसून सत्र चला था. इस दौरान अंतिम दिन सरकार ने बिल पारित कर मंत्री और विधायकों का यात्रा भत्ता ढाई लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपये (Lakhs) सालाना किया गया है, जबकि पूर्व विधायकों का सवा लाख से बढ़ाकर दो लाख किया गया है. इसमें विदेश यात्रा भी शामिल है. इसके अलावा प्रदेश के बाहर टैक्सी बिलों का भुगतान भी इसी राशि से होगा. आंकलन के मुताबिक, बढ़े यात्रा भत्ते से सरकारी खजाने पर 2 करोड़ 10 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. हिमाचल में प्रत्येक विधायक को मासिक 2 लाख 10 हजार रुपये सैलरी मिलती है, जिसमें 55 हजार बेसिक सैलरी, 90 हजार चुनाव क्षेत्र भत्ता, 5 हजार कम्पयूटर भत्ता, 15 हजार टेलिफोन भत्ता, 30 हजार ऑफिस भत्ता, 15 हजार डाटा एंट्री ऑपरेटर भत्ता शामिल है.

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First published: September 6, 2019, 11:28 AM IST
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