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बजट सत्र: CM जयराम का विपक्ष पर हमला, बोले-जमीन पर रहिये, वरना लोग जमीन में गाड़ देते हैं

हिमाचल विधानसभा में भाषण देते हुए सीएम जयराम ठाकुर.

हिमाचल विधानसभा में भाषण देते हुए सीएम जयराम ठाकुर.

Himachal Assembly Session: मुख्यमंत्री ने कहा कि सांविधानिक पद पर काबिज राज्यपाल और उनके सुरक्षा कर्मियों के साथ अभद्रता की गई. विपक्ष चाहता तो राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में अपनी बात रखता

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 27, 2021, 8:16 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने सदन के भीतर और बाहर हंगामे के बाद विपक्ष के खिलाफ जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जमीन पर रहिये, वरना लोग जमीन में गाड़ देते हैं. उन्होंने कहा कि क्षमा करना, लेकिन मुझे मजबूरन ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. हंगामे को लेकर सीएम ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सख्त कार्रवाई करें. यह संबोधन सीएम विधानसभा में दे रहे थे. दरअसल, हिमाचल विधानसभा के बाहर बजट सत्र के पहले जमकर हंगामा हुआ. कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल की गाड़ी रोक दी थी. इस पर सीएम आग बबूला हो गए थे. मौके पर काफी गहमागहमी और धक्का मुक्की हुई. कैबिनेट मंत्री नीचे गिर गए.

क्या बोले सीएम
सीएम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के इतिहास में ऐसी घटना और राज्यपालों से ऐसा व्यवहार कभी नहीं हुआ. सीएम जयराम ठाकुर ने कह कि आज तक के इतिहास में ऐसी घटना नहीं हुई है. राज्यपाल के साथ इस तरह का व्यवहार देश की किसी भी विधानसभा में नहीं हुआ. सीएम ने कहा कि पांच विधायकों को सस्पेंड किया गया है और पूरे सदन ने प्रस्ताव का समर्थन किया है. कांग्रेस नेतृत्व में लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने की क्षमता खत्म हो गई है. पूरे देश में कांग्रेस की यही स्थिति है. ख़बर बनाने के लिए इस तरह के हालात पैदा किए गए हैं.

पांच कांग्रेसी सस्पेंड
विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन सदन में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के हंगामे पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने निलंबन प्रस्ताव लाया. शुक्रवार को सदन की कार्यवाही दोपहर बाद 12.50 पर फिर शुरू हुई. निलंबन प्रस्ताव नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन चौहान, सतपाल रायजादा, सुंदर सिंह ठाकुर और विनय कुमार के खिलाफ लाया गया और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सांविधानिक पद पर काबिज राज्यपाल और उनके सुरक्षा कर्मियों के साथ अभद्रता की गई. विपक्ष चाहता तो राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में अपनी बात रखता. नारेबाजी ही करनी थी तो हमारे खिलाफ करते. राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कोई सदस्य नहीं बोल सकता है. राज्यपाल का रास्ता आज तक नहीं रोका गया. सरकार विपक्ष के इस आचरण को कतई सहन नहीं करेगी. विपक्ष के सदस्यों को भी सदन में बुलाया गया था.
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