हिमाचलः पूर्व मंत्रियों-विधायक के खिलाफ विजिलेंस जांच पर घिरी जयराम सरकार, सीएम के बयान पर कांग्रेस हमलावर

सीएम जयराम ठाकुर. (FILE PHOTO)

सीएम जयराम ठाकुर. (FILE PHOTO)

Vigilance inquiry Issue: वीरभद्र सरकार में रहे दो मंत्रियों, विधायक के खिलाफ विजिलेंस जांच पर गर्माई सियासत पर सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने कहा है, कि अभी सिर्फ तथ्य खंगाल रहे हैं, कोई कार्रवाई करने का फैसला नहीं किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 7:28 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार (Jairam Govt) पूर्व की वीरभद्र सरकार में रहे 2 कैबिनेट मंत्रियों और एक मौजूदा कांग्रेस विधायक पर विजिलेंस जांच की तैयारी कर रही है. इस पर गरमाई सियासत के सवाल पर सीएम जयराम ठाकुर ने मीडिया से चर्चा के दौरान सिर्फ इतना कहा है कि आरोपों को लेकर तथ्य खंगाले जा रहे हैं, फिलहाल किसी पर कोई कार्रवाई का फा फैसला नहीं किया है. उधर इस मुद्दे को लेकर आक्रामक कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा नगर निगम चुनावों में फायदा मिले, इस इरादे से जांच के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रही है.

गौरतलब है कि भाजपा (BJP) ने पूर्व सरकार में रहे मंत्रियों पर कथित तौर पर विभिन्न विभागों में बड़े घोटाले के आरोप लगाए थे. भाजपा ने वीरभद्र सरकार के कार्यकाल के दौरान इस बारे में चार्जशीट राज्यपाल को सौंपी थी. इन सभी पर घोटालों के गंभीर आरोप लगाए गए थे. इस चार्जशीट में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर और पूर्व परिवहन मंत्री जीएस बाली के अलावा सुजानपुर से कांग्रेस विधायक और पूर्व सरकार में आपदा प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष रहे राजेंद्र राणा (Rajender Rana) के अलावा राज्य वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ख्वाजा खलीलुल्ला के नाम शामिल हैं. चार्जशीट में इन तीनों नेताओं पर अधिकारियों के साथ मिलकर सत्ता का दुरूपयोग कर बड़े घोटालों को अंजाम देने का आरोप लगाया गया था. खबरों के अनुसार इन आरोपों पर विजिलेंस ने सरकार को पत्र लिखकर जांच करने की मंजूरी मांगी है. इस मामले पर सीएम का बयान आया है.

ये बोले सीएम



शिमला में पत्रकारों के साथ बातचीत में सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि इन सभी आरोपों की छानबीन की जा रही है. उन्होंने जांच के आदेश को लेकर कुछ नहीं कहा, वह केवल इतना बोले कि फिलहाल किसी पर कार्रवाई का निर्णय नहीं लिया गया है, केवल तथ्य खंगाले जा रहे हैं. इससे स्पष्ट हो रहा है कि सरकार जांच करने की तैयारी कर रही है.

किस पर क्या हैं आरोप



बीजेपी की इस चार्जशीट में कौल सिंह ठाकुर पर आशा वर्कर घोटाला, टेस्ट लैब घोटाला, स्वास्थ्य विभाग को आउटसोर्स करने, प्राइवेट लैब को फायदा पहुंचाने के साथ-साथ ऑक्सीजन सिलिंडर सप्लाई में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं. पूर्व मंत्री जीएस बाली पर बस खरीद में घपला, टायर, वैट लीजिंग, बस अड्डा निर्माण, स्कूल वर्दी, दाल, चीनी, नमक खरीद में घोटाले के आरोप लगाए हैं. कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा पर अवैध खनन, अवैध कटान के आरोप लगाए गए हैं. वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ख्वाजा खलीलुल्ला पर शिमला में दुकानों पर कब्जे समेत कई आरोप लगाए गए हैं.

कांग्रेस ने जांच को बताया बदले की भावना





इन आरोपों पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार जांच के जरिए दबाव बनाने की कोशिश में है, ताकि भाजपा को नगर निगम चुनावों में कोई लाभ मिल सके. उन्होंने कहा कि न तो कांग्रेस और न ही उसके नेता इस तरह की जांच से डरने वाले नहीं हैं. कांग्रेस किसी भी जांच के लिए तैयार है. सरकार प्रतिशोध की भावना से इस तरह की जांच करवा रही है, कांग्रेस इसका मुंहतोड़ जबाव देगी.

शांता कुमार की आत्मकथा को लेकर साधा निशाना



राठौर ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार, जो भाजपा मार्गदर्शक मंडल के सदस्य भी हैं, उनकी आत्मकथा में भाजपा में बढ़ते राजनैतिक प्रदूषण का जिक्र है और 300 करोड़ रुपये के घोटाले को उजागर करने से उन्हें मंत्री पद से हटाने की टीस भी है. साथ ही कहा कि कि शांता कुमार ने आज भाजपा को कठघरे में खड़ा कर दिया है, इसलिए भाजपा को इन आरोपों की जांच करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि भाजपा के अंदर भ्र्ष्टाचार की पूरी पोल खुल चुकी है. साथ ही गुजरात में सरदार पटेल के नाम से बने स्टेडियम का नाम बदल कर नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने पर भी कड़ा एतराज जताया. राठौर ने कहाकि कहा कि देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है, जब किसी प्रधानमंत्री ने अपने जीवन काल में ही किसी जगह का अपने नाम पर नामकरण किया हो.
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