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शिमला शहरी सीट : नहीं माने कांग्रेस के बागी नेता हरीश जनारथा, बताई ये मजबूरी

कांग्रेस से बागी हुए हरीश जनारथा.
कांग्रेस से बागी हुए हरीश जनारथा.

जनारथा ने कहा कि मेरा परिवार कांग्रेस पार्टी से कई पीढ़ी पहले से जुड़ा हुआ है ऐसे में हमेशा कांग्रेस की सेवा करता रहूंगा.बता दें कि शिमला शहर से भाजपा ने मौजूदा विधायक सुरेश भारद्वाज को उतारा है. वहीं कांग्रेस ने हरभजन भज्जी को टिकट दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2017, 12:15 PM IST
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सीएम वीरभद्र सिंह के करीबियों में शुमार और कांग्रेस पार्टी से चुनाव में टिकट न मिलने से बागी हुए नेता हरीश जनारथा को फिलहाला कांग्रेस नहीं मना पाई है. उन्होंने चुनावी दंगल में उतरने का पूरा मन बना लिया है.

शिमला शहर से आजाद उम्मीदवार हरीश जनारथा के सियासी दंगल से हटने के बाद यहां से कांग्रेस की मुश्किलें फिलहाल बढ़ गई है. न्यूज-18 से साक्षात्कार में उन्होंने ने कहा कि टिकट कैसे कटा, आज तक समझ में नहीं आया. पहले टिकट मिलने की दौड़ में सबसे आगे थे, बाद में अचानक टिकट काट दिया, जिससे शहर की जनता आहत हुई है.

यह पूछे जाने पर कि क्या टिकट के लिए ही आपने जनता की सेवा की थी तो जनारथा ने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है, लेकिन उन्हें टिकट मिलना चाहिए था. 2012 में भी उन्हें साढ़े 11 हजार वोट मिले हैं।



जनारथा ने कहा कि पार्टी को कमजोर करने की जिम्मेदारी टिकट बंटवारे के पदाधिकारियों की है, मेरी नहीं है. आजाद चुनाव मैदान में उतरने पर हालांकि उन्होंने सीएम वीरभद्र सिंह से भारी मन से माफी मांगी है.
जनारथा ने नगर निगम चुनाव में हार की जिम्मेदारी का जिम्मा पार्टी के पदाधिकारियों के सिर फोड़ा. जनारथा ने कहा कि कमेटी के सदस्यों ने एक वार्ड में कई-कई प्रत्याशियों को उतरने की छूट दी, जिस कारण कांग्रेस एमसी में हार गई. संजौली, इंजनघर और ढली में ऐसा ही हुआ.

जनारथा ने कहा कि मेरा परिवार कांग्रेस पार्टी से कई पीढ़ी पहले से जुड़ा हुआ है ऐसे में हमेशा कांग्रेस की सेवा करता रहूंगा.बता दें कि शिमला शहर से भाजपा ने मौजूदा विधायक सुरेश भारद्वाज को उतारा है. वहीं कांग्रेस ने हरभजन भज्जी को टिकट दिया है.
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