पूर्व BJP MP के तीसरा मोर्चा बनाने पर बोले CM-हिमाचल में तीसरे दल को स्वीकार्यता नहीं

सीएम जयराम ठाकुर. (FILE PHOTO)
सीएम जयराम ठाकुर. (FILE PHOTO)

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने नई पार्टी के गठन पर कहा कि राजन सुशांत नए नहीं है. उनके काम करने का तरीका और कार्यशैली पूरा हिमाचल जानता है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के पूर्व सांसद राजन सुशांत के राजनीतिक दल बनाने पर सत्ताधारी दल की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. सीएम जयराम ठाकुर सहित उनके कांगड़ा (Kangra) जिला से ताल्लुक रखने वाले उनके वजीरों ने भी तीखे हमले किए हैं. साथ ही दावा किया है कि हिमाचल में तीसरे मोर्चे का कोई अस्तित्व ही नहीं है. पूर्व सांसद राजन सुंशात (MP Rajan Shushant) ने बीते रविवार को ही हमारी पार्टी-हमारी पार्टी नाम से राजनीतिक दल की घोषणा की है, जो क्षेत्रीय दल होगा. साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया है.

चार बार के विधायक

राजन सुशांत चार बार विधायक रहे हैं और बीजेपी के टिकट पर सांसद बनकर भी दिल्ली गए हैं, लेकिन बीजेपी में उनकी नहीं बनी तो वे बाद में आप के साथ भी हो गए थे. लेकिन वो भी ज्यादा दिन नहीं चला और अपना दल बना दिया है. राजन सुशांत के क्षेत्रीय दल पर सीएम जयराम ठाकुर ने कटाक्ष किया है. उन्होंने कहा कि हिमाचल में तीसरे मोर्चे को कभी स्वीकार्यता नहीं मिली है. जो बने भी वो चले नहीं है. लोकतंत्र में सभी को अपनी पार्टी बनाने और विचार रखने का अधिकार है, लेकिन राजन सुशांत को लोग अच्छी तरह से जानते हैं. उनको बहुत ही करीब से जानते हैं. हालांकि, सीएम फिलहाल राजन सुशांत को लेकर ज्यादा नहीं बोले, लेकिन यह बात जरूर कही कि हिमाचल में नई पार्टी बनाने का इतिहास सफल नहीं रहा है.



बाकी पार्टियों की तरह होगा, इस पार्टी का भी अंत-राकेश पठानिया
कांगड़ा जिला से ताल्लुक रखने वाले कैबिनेट मंत्री राकेश पठानिया भी राजन सुशांत पर हमलावर दिखे और उनका पुराना इतिहास याद कराया. वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि राजन सुशांत को सब जानते हैं. उनका राजनीतिक चरित्र किसी से छिपा नहीं है. बीजेपी से सांसद होने के बावजूद भी उन्होंने आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ा था और 22 से 23 हजार मतों पर सिमट गए थे. राजनीति में प्रमाण जनता देती है और उनकी चार बार जमानत जब्त हो चुकी है. जिन विषयों को लेकर आज वो नई पार्टी लेकर आए हैं. वो विषय तब क्यों नहीं उठाए जब वो मंत्री, विधायक और सांसद थे. पहले भी वो पार्टी बना चुके हैं. लेकिन फिर भी हम उनको शुभकामनाएं देते हैं. इस पार्टी का भी वही अंत होगा जो हिमाचल में आई बाकी पार्टियों का हुआ है.

मंत्री रहते कुछ नहीं कर पाए अब क्या करेंगे-बिक्रम सिंह

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने नई पार्टी के गठन पर कहा कि राजन सुशांत नए नहीं है. उनके काम करने का तरीका और कार्यशैली पूरा हिमाचल जानता है. इस व्यक्ति में अस्थिरता रहती है, उसके परिणाम कभी अच्छे नहीं रहे हैं. अगर स्थिर होकर काम करें तो वह बहुत कुछ कर सकता है. बीजेपी में मंत्री, विधायक और सांसद भी रहे हैं, तब भी समाज सेवा नहीं कर पाए तो नई पार्टी क्या करेगी. हिमाचल में दो पार्टियों का इतिहास रहा है. आज का नौजवान चाहता है कि लंबे समय तक सरकार चले. ऐसे में नए क्षेत्रीय दलों का कोई अस्तित्व नहीं है.
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