हिमालयी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन, सीएम ने हिमाचल हित की रखी बात

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रविवार को उत्तराखण्ड के मसूरी में आयोजित हिमालयी राज्यों के सम्मेलन में कहा कि हिमालयी राज्यों के विकास के लिए समग्र, समावेशी और अनुकूल नीति तैयार करने की आवश्यकता है.

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 28, 2019, 8:04 PM IST
हिमालयी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन, सीएम ने हिमाचल हित की रखी बात
हिमालयी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में सीएम जयाराम ठाकुर ने हिमाचल के वन संपदा के संरक्षण की एवज में मांगा ग्रीन बोनस
Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 28, 2019, 8:04 PM IST
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रविवार को उत्तराखण्ड के मसूरी में आयोजित हिमालयी राज्यों के सम्मेलन में कहा कि हिमालयी राज्यों के विकास के लिए समग्र, समावेशी और अनुकूल नीति तैयार करने की आवश्यकता है. ऐसा इसलिए ताकि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अन्य बाधाओं के बावजूद ये राज्य अन्य राज्यों के समान प्रगति कर सकें. हिमाचल प्रदेश का लगभग 66 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र वन क्षेत्र है और अगर राज्य को पारिस्थितिकीय रूप से व्यावहारिक और वन क्षेत्र में वैज्ञानिक तौर पर वृद्धि की अनुमति मिलती है तो प्रदेश को लगभग चार हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक राजस्व हासिल हो सकता है.

हिमाचल को हो रहा करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान

सीएम ने कहा कि राष्ट्रीय कानूनों और अदालतों के आदेशों के कारण राज्य न तो अपनी वन सम्पदा से पूर्ण रूप से राजस्व प्राप्त कर पा रहा है और न ही बड़े पैमाने पर भौगोलिक क्षेत्रों में विकासात्मक गतिविधियां कार्यान्वित कर पा रहा है. इसलिए, वन सम्पदा का सम्पूर्ण दोहन करने पर पाबंदी के एवज में हिमाचल प्रदेश को हो रहे करोड़ों रुपये के राजस्व के नुकसान के लिए समुचित मुआवजा दिया जाना चाहिए.

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में वैज्ञानिक तौर पर बढ़ेगा वन तो मिलेगा 4 हजार करोड़ राजस्व .


जयराम ठाकुर ने वित्त आयोग और केन्द्र सरकार से राजस्व घाटे वाले राज्यों को पर्याप्त अनुदान देने का आग्रह किया ताकि इन राज्यों के पास पूंजी निवेश के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध हो. उन्होंने कहा कि हिमाचल में जीएसटी से आने वाले राजस्व में भारी गिरावट दर्ज की गई है. उन्होंने वित्त आयोग से राज्य को शेष 33 महीनों के लिए जीएसटी की उचित दरों का आग्रह किया. जयराम ठाकुर ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण हिमालयी राज्य विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बहुत संवेदनशील हैं. इसलिए यह जरूरी है कि केन्द्र सरकार एसडीआरएफ के अन्तर्गत इन राज्यों को धन का पर्याप्त आवंटन सुनिश्चित बनाए.

सीएम ने कहा कि राज्य में पर्यटन की अपार क्षमता है, लेकिन रेल और हवाई यातायात की उपलब्धता एक बड़ी बाधा है. इसलिए प्रदेश में एक बड़े हवाई अड्डे का निर्माण बहुत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों में सड़कों का निर्माण बहुत मंहगा है जबकि नेटवर्क लगभग नहीं के बराबर है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 276 और 280 के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर और कम राजस्व वाले राज्यों को पर्याप्त अनुदान प्रदान करने का प्रावधान किया गया है.

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First published: July 28, 2019, 8:04 PM IST
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