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OPS Protest: हिमाचल में ओल्ड पेंशन के लिए सदन से लेकर सड़क तक संग्राम, चौड़ा मैदान में गरजे कर्मचारी

OPS Protest: हिमाचल में ओल्ड पेंशन के लिए सदन से लेकर सड़क तक संग्राम, चौड़ा मैदान में गरजे कर्मचारी

ओल्ड पेंशन स्कील की बहाली को लेकर हिमाचल प्रदेश में  विधानसभा से लेकर सड़क तक संग्राम.

ओल्ड पेंशन स्कील की बहाली को लेकर हिमाचल प्रदेश में विधानसभा से लेकर सड़क तक संग्राम.

Old Pension Scheme Protest in Shimla: हिमाचल विधानसभा के सदन के बाहर प्रदेशभर से साल 2002 के बाद भर्ती हजारों कर्मचारी विधानसभा के घेराव को पहुंचे हैं. कर्मचारी ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांग कर रहे हैं. इससे पहले भी कुछ माह पहले शिमला में बड़ा प्रदर्शन किया गया था. हिमाचल में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और ऐसे में ओपीएस का मसला सरकार के लिए बड़ी सिरदर्दी बना हुआ है.

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शिमला. ओल्ड पेंशन स्कील की बहाली को लेकर हिमाचल प्रदेश में विधानसभा से लेकर सड़क तक संग्राम हो रहा है. शनिवार को शिमला में विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान जहां कांग्रेस ने सदन के अंदर हल्ला बोला और वॉकआउट किया. वहीं, दूसरी ओर, प्रदेश भर से बड़ी संख्या में शिमला कर्मचारी पहुंचे हैं. ये कर्मचारी बड़ी संख्या में विधानसभा के पास पहुंच गए हैं.

हालांकि, चौड़ा मैदान से आगे इन्हें जाने की अनुमति नहीं है औऱ यहीं पर ये सभी कर्मी धरना दे रहे हैं. चौड़ा मैदान सहित शिमला शहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. फिलहाल, कर्मचारियों का धरना चल रहा है और ओल्ड पेंशन की बहाली की मांग की जा रही है.

इससे पहले, हिमाचल विधानसभा के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन की शुरुआत सदन में हंगामे के साथ हुई. कांग्रेस विधायक आशा कुमार ने सदन में नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव लाया था. इसे लेकर विपक्ष ने बीते शुक्रवार को ही स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था और ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) पर चर्चा की मांग की थी. प्रश्नकाल के दौरान चर्चा नहीं मिलने पर विपक्ष सदन में नारेबाजी करने लगा और विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया. कुछ देर बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉक-आउट कर दिया.

चौड़ा मैदान सहित शिमला शहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.

कांग्रेस के व्यवहार से वीरभद्र की आत्मा को पहुंच रही होगी ठेस: सीएम
सदन से बाहर वॉक-आउट के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के सम्मानीय नेता वीरभद्र सिंह ने एनपीएस को लागू किया था. कांग्रेस उनके नाम पर वोट मांगती है और आज कांग्रेस उनके निर्णय का विरोध कर रही है. अगर वीरभद्र कही देख रहे होंगे तो उनकी आत्मा को भी ठेस पहुंच रही होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर कर्मचारियों को भड़का रहा है. सरकार ने इस मसले को लेकर हाई पावर कमेटी गठित कर रखी है. कांग्रेस शासित दो राज्य ओपीएस को बहाल करने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन इसे केवल नोटिफिकेशन जारी करके बहाल नहीं किया जा सकता है.

शिमला के चौड़ा मैदान में धरना देने पहुंचे कर्मचारी.

शहर में हालात सामान्य

शिमला शहर में धरने प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने कई जगह जवान तैनात किए हैं. फिलहाल, बालुगंज से चौड़ा मैदान तक का मार्ग बंद किया गया है. लेकिन कार्ट रोड़ पर ट्रैफिक सामान्य चल रहा है. न्यू बस स्टैंड से लेकर ओल्ड बस स्टैंड तक पुलिस बल की तैनाती की गई है. कर्मचारियों को शिमला पुलिस की ओर से चौड़ा मैदान में धरना देनी की इजाजत दी गई है.

सरकार के लिए सिरदर्दी
सदन के बाहर प्रदेशभर से साल 2002 के बाद भर्ती हजारों कर्मचारी विधानसभा के घेराव को पहुंचे हैं. कर्मचारी ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांग कर रहे हैं. इससे पहले भी कुछ माह पहले शिमला में बड़ा प्रदर्शन किया गया था. हिमाचल में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और ऐसे में ओपीएस का मसला सरकार के लिए बड़ी सिरदर्दी बना हुआ है.

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