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VIDEO: फिर विवादों में शिमला का DDU अस्पताल, इलाज के लिए तड़पा कोरोना मरीज, लगा रोने

शिमला के डीडीयू अस्पताल में कोरोना मरीज.
शिमला के डीडीयू अस्पताल में कोरोना मरीज.

Corona Patient Crying in Shimla's DDU Hospital: हाल ही में डीडीयू अस्पातल में ही कोरोना पॉजिटिव महिला ने उपचार न मिलने के चलते आत्महत्या की थी जिसपर सरकार ने संज्ञान लेते हुए तत्कालीन एमएस को चार्जशीट कर दिया था.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश सरकार तमाम दावे करती है कि अस्पताल और कोविड केयर सेंटर (Covid Care Centre) में मरीजों की देखभाल अच्छे से की जा रही है और लोग कोरोना के लक्षण होने पर अस्पताल आएं. लेकिन कोविड केयर सेंटर से जिस तरह के मामले और वीडियो सामने आ रहे हैं, उससे लोग अस्पताल जाने से जरूर कतराएंगे. ताजा मामला हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla) के डीडीयू (DDU Hospital) अस्पताल का है. यहां से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कोरोना मरीज रो रहा है.

चार बार लिफ्ट में घुमाया
दरअसल, कोरोना वायरस की जंग से लड़ने के लिए बनाया गया शिमला का डेडिकेटेड कोविड केयर सेंटर एक बार फिर से सुर्खियों में है. कोविड केयर सेंटर डीडीयू में मंडी जिला से आए 30 वर्षीय युवक को इलाज न मिलने पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जो सोशल मीडिया में अस्पताल प्रशासन की पोल खोल रहा है. मामला बीते मंगलवार का है, जहां युवक को उपचार के लिए आईजीएमसी शिफ्ट किया जा रहा है, लेकिन एम्बुलेंस न मिलने से युवक को चार बार लिफ्ट से ऊपर नीचे ले जाया गया. इसके चलते युवक को बुखार के चलते बहुत ठंड लग गई और युवक वीडियो में भी ठंड से कांपता हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन कोई भी उसकी सहायता के लिए आगे नहीं आ रहा है. हालांकि, वीडियो में पीपीई किट पहने हुए एक कर्मचारी भी दिखाई दे रहा, लेकिन वह भी उसकी सहायता के लिए सामने नहीं आ रहा है.

रोते-रोते बोले युवक उसे ठंड लग रही है
वीडियो में युवक कह रहा हक कि उसे बहुत ठंड लग रही है. साथ ही युवक कांप और रो रहा है. जिसके चलते युवक का यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है और कोविड केयर सेंटर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पोल खोल रहा है. वीडियो को एक निजी समाचार पत्र की महिला पत्रकार ने बनाया है.



एमएस ने माफी मांगी
डीडीयू अस्पताल के एमएस डॉ रमेश चौहान ने इस मामले पर माफी मांगी और साथ ही कहा कि युवक को उपचार के लिए आईजीएमसी शिफ्ट किया गया था, लेकिन एम्बुलेंस उस समय उपलब्ध नहीं थी. युवक को कुछ देर के लिए इंतजार करना पड़ा.इसके लिए वे प्रशासन माफी मांग रहा है. उन्होंने कहा कि उस समय अस्पताल में पीपीई पहने डॉक्टर भी मौजूद थे, लेकिन वे मरीज को एम्बुलेंस तक नहीं छोड़ पाए, जिसके चलते मरीज को परेशानी झेलनी पड़ी है.उसके बाद मरीज को एम्बुलेंस उपलब्ध करवाई गई. और आईजीएमसी शिफ्ट किया गया.

अस्पताल में कोरोना मरीज ने की थी आत्महत्या
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार भले ही कोरोना मरीजों की सुविधाओं के लिए बड़े बड़े दावे करती है, लेकिन जब इस तरह की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है तो सारे दावों की पोल खोल कर रख दी है. हाल ही में डीडीयू अस्पातल में ही कोरोना पॉजिटिव महिला ने उपचार न मिलने के चलते आत्महत्या की थी जिसपर सरकार ने संज्ञान लेते हुए तत्कालीन एमएस को चार्जशीट कर दिया था. अब एक बार फिर से उपचार न मिलने पर कोरोना पॉजिटिव मरीज का वीडियो वायरल हो रहा है तो ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार द्वारा कोरोना मरीजों के उपचार के लिए किए जा रहे दावे खोखले हैं.जो सिर्फ कागजों में ही दिखाई दे रहे हैं.
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