Black Fungus: हिमाचल में कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस भी महामारी घोषित

हिमाचल में ब्लैक फंगस महामारी घोषित कर दिया गया है.

हिमाचल में ब्लैक फंगस महामारी घोषित कर दिया गया है.

‌Black Fungus in Himachal: आईजीएमसी अस्पताल शिमला में उपचाराधीन ब्लैक फंगस से पीड़ित हमीरपुर की महिला का शनिवार को ऑपरेशन किया जा सकता है. हालांकि, महिला की आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट अभी आना बाकी है. महिला के फंगल कल्चरल का सैंपल भी भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश सरकार (Himachal Govt) ने केंद्र के निर्देशों के बाद शुक्रवार को म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस संक्रमण) को एक साल के लिए महामारी घोषित कर दिया. स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. केंद्र सरकार ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ब्लैक फंगस को महामारी (Pandemic) घोषित करने के निर्देश दिए हैं.

अब अवेहलना पर कार्रवाई

अब आईसीएमआर और राज्य सरकार इस महामारी को लेकर जो स्क्रीनिंग और उपचार संबंधित दिशा-निर्देश जारी करेंगे, उनका निजी और सरकारी अस्पताल प्रबंधन को पालन करना होगा. नियमों की अवहेलना करने पर धारा 188 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. इसमें चालान काटने का प्रावधान है. जिलों में सीएमओ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा. इसमें ईएनटी और अन्य मेडिकल विभागों के डॉक्टर शामिल किए जाएंगे. यह कमेटी जिलों में इस बीमारी संबंधी गतिविधियों पर नजर रखेगी.

सरकार को देनी होगी सूचना
सरकारी और निजी अस्पताल सहित अन्य किसी गांव व शहर में कोई इस बीमारी से संबंधित मरीज आता है तो इसकी सूचना जिला चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को देनी होगी. नियमों के तहत चिकित्सा संस्थान इस बीमारी की जानकारी शेयर नहीं कर सकेंगे.

हिमाचल में एक केस, पीड़ित महिला का होगा ऑपरेशन

आईजीएमसी अस्पताल शिमला में उपचाराधीन ब्लैक फंगस से पीड़ित हमीरपुर की महिला का शनिवार को ऑपरेशन किया जा सकता है. हालांकि, महिला की आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट अभी आना बाकी है. महिला के फंगल कल्चरल का सैंपल भी भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है. उधर, ब्लैक फंगस को लेकर शिमला का डीडीयू अस्पताल प्रबंधन सजग हो गया है. डीडीयू अस्पताल ने एंटीफंगल दवा एम्फोटेरिसिन-बी के 100 इंजेक्शन मंगवाए हैं.



शरीर में कैसे पहुंचता है फंगस

गौरतलब है कि सांस के जरिये वातावरण में मौजूद फंगस हमारे शरीर में पहुंचते हैं. शरीर में कहीं घाव हो तो वहां से भी ये शरीर में फैल सकता है. इसकी शुरुआती दौर में पहचान नहीं की तो जानलेवा साबित भी हो सकती है. इससे आंखों की रोशनी जा सकती है. शरीर में अगर इन्फेक्शन हैं तो चेहरे का एक तरफ से सूजना, सिरदर्द, नाक बंद होना, उल्टी, बुखार, चेस्ट पेन, साइनस कंजेशन, मुंह के ऊपरी हिस्से या नाक में काले घाव होना इसके लक्षण हैं. इसके अलावा, जिन्हें मधुमेह, कैंसर या फिर जिनका ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुआ हो, उन्हें यह बीमारी हो सकती है.

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