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COVID-19 का खौफ: हिमाचल BJP ने दो सप्ताह के लिए सभी संगठनात्मक कार्यक्रम किए स्थगित

हिमाचल भाजपा. (FILE PHOTO)
हिमाचल भाजपा. (FILE PHOTO)

COVID-19 in Himachal: हिमाचल सरकार ने कैबिनेट मीटिंग (Cabinet Meeting) में 15 दिसंबर तक सभी तरह के राजनीतिक कार्यक्रमों और बैठकों पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं. इसके बाद BJP की प्रदेश इकाई ने सभी कार्यक्रम स्थगित करने का फैसला लिया.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) के बढ़ रहे मामलों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश भाजपा (BJP) सतर्क हो गई है. पार्टी नेतृत्व के निर्देशानुसार हिमाचल में बीजेपी की सभी संगठनात्मक गतिविधियों को 3 दिसम्बर से आगामी 15 दिसम्बर 2020 तक स्थगित कर दिया गया है. बताया गया है कि पार्टी की सभी संगठनात्मक गतिविधियां अब केवल वर्चुअल माध्यम से ही होंगी. यह जानकारी भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने दी. दरअसल, कैबिनेट मीटिंग (Cabinet Meeting) में सरकार ने 15 दिसंबर तक सभी तरह के राजनीतिक कार्यक्रमों और बैठकों पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं.

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में बढ़ते कोरोना मामलों के कारण प्रदेश नेतृत्व ने यह निर्णय लिया है. पार्टी ने यह भी तय किया है कि कोरोना से निपटने और इसके संक्रमण को रोकने के लिए छोटी बैठकें आयोजित की जा सकती हैं, परन्तु इन बैठकों में संगठनात्मक चर्चाएं नहीं होंगी. केवल कोरोना संबंधी विषयों पर चर्चा होगी. साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का भी सख्ती से पालन किया जाएगा.

लोगों को जागरूक करें वर्कर
भाजपा महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे अपने आसपास के क्षेत्रों में कोरोना महामारी से बचने के लिए लोगों को जागरूक करें. लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देशों से भी आम जनता को अवगत करवाएं, ताकि प्रदेश में बढ़ते कोरोना मामलों में कमी जा सके.




विपक्ष पर साधा निशाना
प्रदेश भाजपा मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके विपक्ष के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि हिमाचल भाजपा कोरोना के बढ़ते मामलों से चिंतित है. यही वजह है कि सरकार ने कई बंदिशें भी लगाई हैं. शीतकालीन सत्र स्थगित किये जाने पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष को इस वक्त सरकार का साथ देना चाहिए था, लेकिन नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री अकेले ही दुनिया जीते हैं, जबकि उनके ही विधायक सत्र न करने का सुझाव दे रहे थे.
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