हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री सैजल ने बताया, सूबे में सबसे पहले किन लोगों को मिलेगी कोरोना वैक्सीन

कोरोना वायरस की वैक्सीन.
कोरोना वायरस की वैक्सीन.

Corona virus in Himachal: हिमाचल में अब तक की कोरोना रिपोर्ट के मुताबिक, कुल मामले 20004 हो गए हैं, जिसमें 2542 एक्टिव मामले और 17050 ठीक हुए हैं. 280 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में कोरोना (Corona Virus) के बढ़ते मामलों के बीच अब ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में भी ईजाफा हुआ है, रिकवरी रेट अच्छा हुआ है, जिससे लग रहा था कि कोरोना धीरे-धीरे पूरी तरह से नियंत्रण में आ जाएगा. लेकिन सर्दियां कोरोना के लिए संजीवनी बन सकती है. सर्दियों में कोरोना के मामले बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है. क्योंकि इस दौरान श्वास संबंधी रोग भी बढ़ते हैं जो कोरोना बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं. हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल (Rajeev Sejal) ने इसकी पुष्टि की है.

क्या बोले स्वास्थ्य मंत्री
उन्होंने कहा कि सर्दी में कोरोना के मामले बढ़ने की पूरी आशंका है. ऐसे में तीन नियमों की पालना बहुत ही जरूरी है, जिसमें मॉस्क नाक तक लगाना, सोशल डिस्टेसिंग और हाथ बार-बार धोना या सेनिटाइज प्रमुख हैं. इन तीनों का ध्यान रखा गया तो वह दिन भी दूर नहीं जब बिना वैक्सीन के भी कोरोना के मामले शून्य हो सकते हैं. लेकिन सर्दियों में कोरोना को लेकर ज्यादा एहतियात बरतनी होगी. सरकार की भी चिंता बढ़ गई है.

27 अक्तूबर की कैबिनेट बैठक में बनेगा रोड़मैप
कोरोना को मात देने के लिए 27 अक्तूबर में होने वाली कैबिनेट बैठक में भी रोड़मैप तैयार होगा. आने वाले दिनों में कोरोना के खिलाफ कैसे जंग लड़ी जानी है. इस पर चर्चा होगी. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी कोरोना की ताजा स्थिति को लेकर प्रजेंटेशन देंगे. हिमाचल में अभी तक 3 हजार कोरोना टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं, अब इन्हें बढ़ाकर 4 हजार किया जाएगा. कैबिनेट बैठक में ही इस फैसले पर मुहर लगेगी. हिमाचल में अब तक की कोरोना रिपोर्ट के मुताबिक, कुल मामले 20004 हो गए हैं, जिसमें 2542 एक्टिव मामले और 17050 ठीक हुए हैं. 280 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है.



कोरोना की पहली वैक्सीन वलनरबल लोगों को
कोरोना के कारण पूरी दुनिया सहमी हुई है. वैक्सीन आने का इंतजार किया जा रहा है. हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि वैक्सीन कब तक आएगी. लेकिन इस बीच हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री डा राजीव सैजल ने साफ किया है कि जब भी वैक्सीन आएगी तो हिमाचल में वो सबसे पहले वलनरबल, यानी वो लोग जिन्हें बीमारी का जल्द आघात पहुंच सकते हैं, उन्हें वह दी जाएगी. हिमाचल में एक्टिव केस फांइडिंग अभियान के दौरान भी 10 लाख से ज्यादा की आबादी ऐसी थी जो वलनरबल है. इसमें दूसरी गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग, 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 60 साल से अधिक उम्र के लोग शामिल हैं. ऐसे में वैक्सीन पर पहला हम इन्हीं लोगों का होगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अभी सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है, लेकिन जब भी वैक्सीन आएगी तब भी विचार किया जाएगा.
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