हिमाचल में स्कूल खोलने पर असमंजस; 15 अक्तूबर से नहीं खुलेंगे स्कूल!

स्कूल फिर से खुल सकते हैं. (तस्वीर, सांकेतिक)
स्कूल फिर से खुल सकते हैं. (तस्वीर, सांकेतिक)

गौरतलब है कि हिमाचल में रोजाना 200 से 300 कोरोना के नए मामले आ रहे हैं. इसके अलावा मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है. रोजाना 5 से 7 मौतें हो रही है. ऐसे में स्कूलों में नियमित पढ़ाई शुरू करना खतरे से कम नहीं है. सूबे में अब तक 16565 केस रिपोर्ट हुए हैं और 226 लोगों की मौत हुई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 8, 2020, 11:37 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश में कोरोना (Corona virus in Himachal) के बढ़ते मामलों के कारण प्रदेश सरकार स्कूल (Schools) खोलने को लेकर असमंजस में है. केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, 15 अक्तूबर से स्कूल खोले जा सकते हैं और स्टाफ (Staff) भी फुल स्ट्रेंथ के साथ स्कूल आ सकता है. लेकिन राज्यों को फैसला लेने का अधिकार दिया गया है.

क्या बोले शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि स्कूल खोलने को लेकर अभी चर्चा चल रही है. जरूरी यह है कि कोरोना के मामले नहीं बढ़ने चाहिए. बच्चों की सुरक्षा कैसे होगी. उस पर मंथन के बाद ही निर्णय लिया जाएगा. वैसे भी केंद्र ने कहा है कि यह सख्त आदेश नहीं है कि 15 अक्तूबर से स्कूल खोले ही जाने चाहिए. शिक्षा विभाग गहराई से चर्चा करने के बाद फैसला करेगी. छोटी क्लासों को लेकर अभी विचार नहीं किया जाएगा. क्योंकि, बच्चों की सुरक्षा जरूरी है. वहीं 100 प्रतिशत स्टाफ को बुलाने पर बाद में फैसला होगा.

रोजाना आ रहे केस
गौरतलब है कि हिमाचल में रोजाना 200 से 300 कोरोना के नए मामले आ रहे हैं. इसके अलावा मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है. रोजाना 5 से 7 मौतें हो रही है. ऐसे में स्कूलों में नियमित पढ़ाई शुरू करना खतरे से कम नहीं है. सूबे में अब तक 16565 केस रिपोर्ट हुए हैं और 226 लोगों की मौत हुई है.



कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच यह बोले सीएम
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना का कोई इलाज नहीं है, इसलिए मास्क पहलें, सोशल डिस्टेसिंग की भी पालना करें। दो गज की दूरी है जरूरी. इस नियम की पालना करते रहें. सेनेटाइजर नहीं मिले तो बार-बार साबुन से हाथ धोएं. पूरे देश में कोरोना महामारी को लेकर जनजागरण अभियान चला है, इसलिए सभी लोग मास्क अप इंडिया यानी मास्क पहले अभियान में सहयोग दें.

कोरोना का दशहरा उत्सव पर भी साया
कोरोना महामारी के चलते इस बार कई बड़े धार्मिक आयोजन और मेले नहीं हो सके हैं. विश्व प्रसिद्ध कुल्लू दशहरा भी कोरोना के साये में हैं, जिस दिन विजयदशमी होती है उसी दिन कुल्लू का दशहरा शुरू होता है जो अगले सात दिन चलता है. इस बार कैसे दशहरा मनाया जाएगा. इस पर आने वाले दो-तीन दिन में बैठक करके निर्णय लिया जाएगा. यह बात भाषा, कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कही. उन्होंने कहा कि कुल्लू में दशहरा उत्सव समिति की बैठक में तय किया जाएगा कि दशहरा कैसे मनाया जाना है. वहीं, कैबिनेट मंत्री ने विभाग की समीक्षा भी की और तय किया गया है कि इस बार 26 जनवरी को विशेष कार्यक्रम होंगे. क्योंकि हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले 50 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं.
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