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    COVID-19: हिमाचल की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने लगी, सितंबर में 533 करोड़ रुपये की आय

    हिमाचल प्रदेश. (सांकेतिक तस्वीर)
    हिमाचल प्रदेश. (सांकेतिक तस्वीर)

    Corona Virus in Himachal: आबकारी एवं कराधान विभाग के आयुक्त रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि लॉकडाउन के बाद जैसे अनलॉक होना शुरू हुआ,उसके बाद राजस्व प्राप्ति ने रफ्तार पकड़ी है और साथ ही विभाग ने अपनी कार्यशैली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं,

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    शिमला. वित्तीय संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार के लिए राहत भरी खबर है. कोरोना संकट (Corona Virus) के चलते डगमगा रही अर्थव्यवस्था (Economy) अब धीरे-धीरे पटरी पर लौटती हुई नजर आ रही है. अकेले आबकारी एवं कराधान विभाग से राज्य सरकार को 70 फीसदी आय (Income) होती है. अब विभाग की आय भी बढ़ रही है. विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बीते सितंबर माह में विभाग को 533 करोड़ रूपये की आय हुई है.

    पिछले साल के मुकाबले ज्यादा आय

    साल 2019 के सितंबर माह की तुलना करें तो इस साल पिछले वर्ष के मुकाबले 10.52 प्रतिशत ज्यादा इनकम हुई है. ये महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि पिछले साल कोरोना जैसी कोई स्थिती नहीं थी. इस वर्ष करीब 5 महीनों से ज्यादा समय तक औद्यौगिक गतिविधियां ठप रहीं और बाजार बंद रहे. जैसे-जैसे अनलॉक की तरफ बढ़ते गए,सभी गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू हुईं तो सरकार की आय में भी बढ़ौतरी होना शुरू हो गई.



    जीएसटी में राजस्व प्राप्ति बढ़ी,वैट में घटी
    टैक्स कॉलेक्शन की बात करें तो इस सितंबर माह में जीएसटी में 13 फीसदी और एक्साइज में 10 प्रतिशत की बढ़ौतरी हुई. स्टेट एक्साइज से 136.68 करोड़,कोविड सेस से 4.95 करोड़,सेल और वैट टैक्स से 45.54 करोड़ और जीएसटी से 319.75 करोड़ रू. का राजस्व प्राप्त हुआ. अन्य सभी तरह के कर को जोड़े तो कुल 533.10 करोड़ रूपए के राजस्व की प्राप्ति हुई. सेल और वैट में राजस्व प्राप्ति में  8.31 फीसदी की कमी पाई गई.



    ये बोले आयुक्त

    इस बाबत, आबकारी एवं कराधान विभाग के आयुक्त रोहन चंद ठाकुर ने कहा कि लॉकडाउन के बाद जैसे अनलॉक होना शुरू हुआ,उसके बाद राजस्व प्राप्ति ने रफ्तार पकड़ी है और साथ ही विभाग ने अपनी कार्यशैली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसके चलते आय में बढ़ौतरी होना शुरू हो गया है. उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद फेस्टिवल सीजन शुरू होने वाला है,उससे जीएसटी क्लेक्शन बढ़ने की संभावना है.

    उद्योगपत्तियों, कारोबारियों के लिए राहत

    रोहन ठाकुर ने कहा कि उद्योगपतियों और कारोबारियों के संबंध में विशेष कदम उठाए गए हैं, जिससे न केवल उनके व्यापार बल्कि राज्य को फायदा होगा. वैट से संबंधित पुराने केसों को सैटल किया जा रहा है,उन्हें सैटल करने की सीमा को 31 जनवरी तक बढ़ाया गया है. इसके अलावा, विभाग छोटे-छोटे टारगेट लेकर चला है जिससे उम्मीद है कि स्थिती और बेहतर हो जाएगी. उन्होंने कहा कि जीएसटी में कई तरह के सुधार किए गए हैं. जटिल प्रकिया को सरल किया गया है,ई-बे बिल चैकिंग को बढ़ाने के साथ साथ कई कारगर कदम उठाए गए हैं.
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