• Home
  • »
  • News
  • »
  • himachal-pradesh
  • »
  • SHIMLA CORONA VIRUS IN SHIMLA MORE THAN HUNDRED DEAD BODIES CREMATED AT SHIMLA KANLOG CREMATORIUM HPVK

COVID-19: शिमला के कनलोग श्मशानघाट में 20 दिन में 137 कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार

युवाओं का मजबूत इम्यून सिस्टम बना दुश्मन.

Corona virus in Shimla: कनलोग श्मशानघाट में पहली बार ऐसा हुआ कि एक ही महीने में ही सौ से ज्यादा शवों का दाह संस्कार किया गया है. इससे पहले किसी आपदा या महामारी के समय भी यहां इतने शव नहीं पहुंचे थे.

  • Share this:
    शिमला. हिमाचल प्रदेश में कोरोना (Corona virus) की दूसरी लहर में मौतों के आंकड़े में काफी ज्यादा इजाफा हुआ है. शिमला और कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं. शिमला (Shimla) के जिस कनलोग श्मशानघाट (Graveyard) पर पहले हर महीने औसतन 30 शवों का दाह संस्कार होता था, वहां बीते 20 दिन में ही 139 शव जलाए जा चुके हैं. इन 139 शवों में 137 शव अकेले कोरोना पीड़ितों के हैं. यह आंकड़ा पहली से 20 मई तक का है. शहर के अस्पतालों में रोजाना दस से 12 लोगों की कोरोना से मौत हो रही है. ऐसे में मई में मृतकों का आंकड़ा दो सौ से पार हो सकता है.

    पहली बार सौ से ज्यादा संस्कार
    कनलोग श्मशानघाट में पहली बार ऐसा हुआ कि एक ही महीने में ही सौ से ज्यादा शवों का दाह संस्कार किया गया है. इससे पहले किसी आपदा या महामारी के समय भी यहां इतने शव नहीं पहुंचे थे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कनलोग श्मशानघाट की व्यवस्था का संचालन कर रही सूद सभा का कहना है कि दो महीने के भीतर शवों की संख्या इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि दाह संस्कार के लिए पांच की जगह दस शेल्टर भी कम पड़ गए हैं. रोजाना 60 से 80 क्विंटल लकड़ी दाह संस्कार के लिए इस्तेमाल हो रही है.

    मार्च में छह तो मई में 20 दिन में ही 137 मौतें
    शिमला के आईजीएमसी अस्पताल और डीडीयू अस्पताल में कोरोना मरीजों का उपचार किया जा रहा है. यहां शहर के अलावा प्रदेश भर से आए मरीजों का उपचार होता है. सूद सभा के अनुसार, फरवरी में 18 शवों का कनलोग में दाह संस्कार हुआ. इसमें एक कोरोना पीड़ित भी शामिल था. वहीं, मार्च में छह कोरोना पीड़ितों समेत 26 जबकि अप्रैल में 58 कोरोना पीड़ितों समेत 67 शवों का कनलोग में दाह संस्कार किया गया. अब मई के 20 दिन में ही 139 शव जलाए जा चुके हैं और इसमें 137 कोरोना पीड़ित हैं. यह शव शिमला के अलावा बाकी जिलों के भी हैं. सूद सभा के कार्यकारी सदस्य एवं कनलोग प्रभारी संदीप सूद का कहना है कि जो लोग लकड़ी के लिए पैसे नहीं दे पाते, उनके लिए सूद सभा मुफ्त लकड़ी देती है.
    Published by:Vinod Kumar Katwal
    First published: