युग हत्याकांड: दोषियों की सजा पर बहस पूरी, 29 अगस्त को होगा बड़ा ऐलान
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युग हत्याकांड: दोषियों की सजा पर बहस पूरी, 29 अगस्त को होगा बड़ा ऐलान
चार साल के युग की हत्या.

14 जून 2014 को शिमला के रामबाजार से 4 साल का मासूम युग रहस्मयी ढंग से लापता हो गया था. दो साल बाद अगस्त 2016 को भराड़ी में पानी के टैंक से युग का कंकाल मिला.

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हिमाचल प्रदेश के शिमला के बहुचर्चित मासूम युग अपहरण और हत्याकांड में दोषियों की सजा पर बहस पूरी हो गई है. मंगलवार को जिला सैशन कोर्ट में दोषियों की सजा पर बहस हुई.

29 अगस्त को अब इस मालमें सजा का ऐलान हो सकता है. पीड़ित पक्ष के वकील ने कोर्ट से दोषियों को सजा-ए-मौत देने की मांग की.जिला एवं सत्र न्यायालय में न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत में 13 अगस्त को सजा पर शुरू हुई बहस पर आज अंतिम सुनवाई की.

अदालत के बंद दरवाजे में 2 घटें से ज्यादा चली सुनवाई के दौरान तीनों दोषियों के मां-बाप ने कोर्ट से रहम की गुहार लगाई और कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक न होने से कम से कम सजा दी जाए. युग हत्याकांड के दोषी तेजेंद्रपाल और चंद्र शर्मा के पिता जबकि विक्रांत बख्शी की मां न्यायाधीश के समक्ष पेश हुए और कम सजा की गुहार लगाई.



साढ़े 11 बजे शुरू हुई कैमरा हियरिंग 1 बजकर 40 मिनट तक चली, जिला कोर्ट में क्यूआरटी और पुलिस बटालियन की तैनात की गई थी. कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच तीनों गुनहागारों को जिला कोर्ट चक्कर लाया गया. सजा पर बहस पूरी होने के बाद तीनों को दोषियों को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच वापस कंडा जेल ले जाया गया.
ये है मामला
14 जून 2014 को शिमला के रामबाजार से 4 साल का मासूम युग रहस्मयी ढंग से लापता हो गया था. दो साल बाद अगस्त 2016 को भराड़ी में पानी के टैंक से युग का कंकाल मिला.

दो साल बाद टैंक से मिला था युग का कंकाल
युग को छोड़ने के बदले में आरोपियों ने उसके पिता विनोद कुमार से साढ़े तीन करोड़ की फिरौती मांगी थी.फिरौती न मिलने पर आरोपियों ने युग की हत्या कर उसके शव को पानी की टैंक में फैंक दिया.दो साल तक युग का कोई पता नहीं चला. बाद में उसका कंकाल टैंक से मिला था. मामले में चंद्र शर्मा, तेजेंद्र पाल और विक्रांत, तीनों युग के पड़ोसी हैं. सीआईडी ने इस केस में 2300 पन्नों की चार्जशीट बनाई है.
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