हिमाचल: COVID-19 संक्रमित पूर्व BJP विधायक चंद्र सेन ठाकुर का निधन, तीन दिन पहले पॉजिटिव आई थी रिपोर्ट

 चंद्र सेन ठाकुर का निधन हो गया है.
चंद्र सेन ठाकुर का निधन हो गया है.

पूर्व भाजपा विधायक चंद्रसेन ठाकुर (Chandrasen Thakur) का निधन हो गया है. तीन दिन पहले उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी.

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कुल्लू. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू (Kullu) जिला में कोरोना महामारी के चलते अब मौत के आंकड़े भी लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में पूर्व भाजपा विधायक चंद्रसेन ठाकुर (Chandrasen Thakur) भी कोरोना (COVID-19) महामारी से जंग हार गए और 76 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा दिया है. चंद्रसेन ठाकुर पिछले कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे. ऐसे में 3 दिन पहले उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा था. इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. चन्द्र सेन ठाकुर का जन्म  6 जुलाई 1942 को हरिपुर के दशाल गांव में हुआ था. छात्र राजनीति में एबीवीपी मंडी कालेज  के संथापक अध्यक्ष रहे.

उसके बाद 5 बार पंचायत प्रधान भी रहे है. साल 1998 में  कुल्लू से विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे थे और  विधानसभा में प्रखर वक्ता के रूप जाने जाते थे. भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राम सिंह ने उनके निधन पर गहरा शोक प्रकट किया. उन्होंने कहा कि चंद्र सिंह ठाकुर के निधन से  पार्टी को भारी क्षति पहुंची है जिसकी भरपाई करना  नामुमकिन है. उन्होंने कहा कि  चंद्र सिंह ठाकुर भाजपा के सच्चे सिपाही थे. उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा.

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 अच्छे वक्ता के तौर पर जाने जाते थे चंद्र सेन ठाकुर
राम सिंह ने कहा कि चंद्र सिंह ठाकुर छात्र राजनीति से समाज सेवा में अपना भरपूर योगदान दिया. उसके बाद आरएसएस और जनसंघ के कार्यकर्ता रहे और उन्होंने देश मे इमरजेंसी में 75 से लेकर 77  के बीच सत्याग्रह आंदोलन में भी अपना योगदान दिया था. उस दौरान कई दिन जेल में भी बताए थे. उन्होंने कहा कि 1977 में जब भारतीय जनता पार्टी बनी तो उस वक्त वह कुल्लू जिला के पहले जिला अध्यक्ष रहे और उसके बाद प्रदेश महासचिव और 1998 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की सरकार में एचपीएमसी के बाइक चेयरमैन भी रहे. उन्होंने कहा कि चंद्र सिंह ठाकुर एक अच्छे वक्ता भी थे और जब विधानसभा में अपना भाषण देते थे तो लोग उनके भाषण को गौर से सुनते थे. उनकी साहित्य में भी उनकी रूचि थी. उन्होंने कहा कि फ्रूट ग्रोबर एसोसिएशन बनाने में भी उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है जिसमें आज कुल्लू जिला के बागबानो को फायदा मिल रहा है. उन्होंने कहा कि कुल्लू की जनता  चंद्रसेन ठाकुर को  सदियों तक याद रखेगी.
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