Covid-19 Update: हिमाचल में कोरोना के 2341 नए मामले आए सामने, 55 मरीजों की मौत

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार को 5,017 मरीज संक्रमण मुक्त हुए जिन्हें मिलकार राज्य में अबतक 1,46,219 मरीज महामारी को मात दे चुके हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार को 5,017 मरीज संक्रमण मुक्त हुए जिन्हें मिलकार राज्य में अबतक 1,46,219 मरीज महामारी को मात दे चुके हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में अबतक संक्रमित हुए मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 1,77,725 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा शनिवार शाम सात बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक इस समय हिमाचल प्रदेश में 28,788 मरीज उपचाराधीन हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में शनिवार को कोविड-19 (COVID-19) से 55 और मरीजों की मौत दर्ज की गई जिन्हें मिलाकर राज्य में अबतक 2,693 लोगों की जान इस महामारी में जा चुकी है. वहीं, राज्य में गत 24 घंटे के दौरान 2,341 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई. इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में अबतक संक्रमित हुए मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 1,77,725 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा शनिवार शाम सात बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक इस समय हिमाचल प्रदेश में 28,788 मरीज उपचाराधीन हैं. वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार को 5,017 मरीज संक्रमण मुक्त हुए जिन्हें मिलकार राज्य में अबतक 1,46,219 मरीज महामारी को मात दे चुके हैं.

वहीं, कल खबर सामने आई थी कि हिमाचल प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में मौतों के आंकड़े में काफी ज्यादा इजाफा हुआ है. शिमला और कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं. शिमला के जिस कनलोग श्मशानघाट पर पहले हर महीने औसतन 30 शवों का दाह संस्कार होता था, वहां बीते 20 दिन में ही 139 शव जलाए जा चुके हैं. इन 139 शवों में 137 शव अकेले कोरोना पीड़ितों के हैं. यह आंकड़ा पहली से 20 मई तक का है. शहर के अस्पतालों में रोजाना दस से 12 लोगों की कोरोना से मौत हो रही है. ऐसे में मई में मृतकों का आंकड़ा दो सौ से पार हो सकता है.

पहली बार सौ से ज्यादा संस्कार

कनलोग श्मशानघाट में पहली बार ऐसा हुआ कि एक ही महीने में ही सौ से ज्यादा शवों का दाह संस्कार किया गया है. इससे पहले किसी आपदा या महामारी के समय भी यहां इतने शव नहीं पहुंचे थे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कनलोग श्मशानघाट की व्यवस्था का संचालन कर रही सूद सभा का कहना है कि दो महीने के भीतर शवों की संख्या इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि दाह संस्कार के लिए पांच की जगह दस शेल्टर भी कम पड़ गए हैं. रोजाना 60 से 80 क्विंटल लकड़ी दाह संस्कार के लिए इस्तेमाल हो रही है.

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