शिमला: रसूखदार पर दलित महिला को जमीन से बेदखल करने के आरोप

शिमला की दलित महिला ने लगाए आरोप.
शिमला की दलित महिला ने लगाए आरोप.

विधायक सिंघा का कहना है कि अगर इस परिवार से जमीन छीनी जाती है तो इनका जिंदा रहना मुश्किल है. हालांकि इस मामले में अब तक उस रसूखदार का पक्ष नहीं आया है, जिस पर ये आरोप लगाए गए हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla) जिले के बलसन क्षेत्र में दलित महिला को उसकी जमीन (Land) से कथित तौर पर बेदखल करने की कोशिश का मामला सामने आया है. 51 वर्षीय दलित महिला (Dalit Women) ने गांव के ही एक रसूखदार पर जमीन से बेदखल करने के आरोप लगाए हैं.

ये बोली महिला

महिला का कहना है कि 28 सितंबर को वो घास काट रही थी तो उस वक्त रसूखदार आया और धमकाना शुरू कर दिया. महिला के मुताबिक उसने जमीन पर खेती न करने के लिए कहा, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी. महिला का कहना है कि जिस जमीन से उसे बेदखल करने की कोशिश की जा रही है, वो जमीन घोड़ना रियासत की थी. दशकों पहले रिसायत की रानी ने उन्हें खेती करने के लिए जमीन दी. उनका परिवार रियासत का मुजारा था. दशकों से उनका परिवार इस जमीन पर खेती कर रहा है, अब अचानक उन्हें यहां से खदेड़ने की कोशिश की जा रही है.



घास बेचकर होता है गुजारा
महिला के तीन बेटे और तीन बेटियां हैं. महिला के दो बेटे सोलन जिले में किसी प्राइवेट कंपनी में 6-7 हजार रूपए की नौकरी करते हैं और इस जमीन के अलावा उनके पास और कोई साधन नहीं है. घास बेचकर ही परिवार का पालन-पोषण किया है और गुजारा भी उसी से चलता है. महिला ने रोते हुए कहा कि सालों से उन्हें परेशान किया जा रहा है,कोई मदद नहीं करता न ही कहीं सुनवाई हुई. अब महिला ने ठियोग के विधायक राकेश सिंघा से मदद की गुहार

विधायक ने ये कहा

इस बाबत विधायक राकेश सिंघा का कहना है कि उनकी तीन पीढ़ियां उस जमीन पर खेती करती आई हैं. भू-सुधार कानून के तहत इस परिवार का मालिकाना हक बनता है. उन्होंने कहा कि इस मामले में राजस्व विभाग के अधिकारियों से बात की गई है और मुख्यमंत्री के समक्ष भी मुद्दा उठाएंगे. साथ ही ठियोग थाने में शिकायत कर पुलिस से हस्तक्षेप की मांग करेंगे, ताकि परिवार को सुरक्षा मिल सके. उन्होंने कहा कि दलितों के खिलाफ पूरे हिमाचल में अत्याचार बढ़ गया है, इस परिवार के साथ भी सरकारी तंत्र अन्याय कर रहा है. सिंघा का कहना है कि अगर इस परिवार से जमीन छीनी जाती है तो इनका जिंदा रहना मुश्किल है. हालांकि इस मामले में अब तक उस रसूखदार का पक्ष नहीं आया है, जिस पर ये आरोप लगाए गए हैं.
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