सुर्खियां: भेजे कॉलेज, जंगल में कर रहे थे नशा, DC शिमला समेत 5 अफसर HC में तलब

हिमाचल प्रदेश में 50 बिस्तरों से नीचे के अस्पतालों में अब सुरक्षा कर्मचारी तैनात होंगे.

News18 Himachal Pradesh
Updated: June 19, 2019, 7:32 AM IST
सुर्खियां: भेजे कॉलेज, जंगल में कर रहे थे नशा, DC शिमला समेत 5 अफसर HC में तलब
19 जून: हिमाचल की सुर्खियां.
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Updated: June 19, 2019, 7:32 AM IST
अमर उजाला ने लिखा है कि हिमाचल में 50 बिस्तर से नीचे के अस्पतालों में अब सुरक्षा कर्मचारी तैनात होंगे. इन अस्पतालों में कैंटीन खोली जाएंगी ताकि मरीजों और डाक्टरों को खाना खाने के लिए बाहर न जाना पड़े. सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को तुरंत इस पर अमल करने को कहा है. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र सराज के थाची प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़, गालीगलौज और मारपीट के मामले में स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने स्वास्थ्य निदेशक को तलब किया और विभाग की ओर से उठाए गए कदम के बारे में जानकारी ली. स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि 50 बिस्तर से नीचे के अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती होगी. यह सुरक्षा कर्मचारी 24 घंटो अस्पतालों की ओपीडी, आपात विभाग में तैनात रहेंगे.

उल्लेखनीय है कि थाची में आरोपी शनिवार शाम नशे में धुत होकर पीएचसी में घुस गया. पहले उसने ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ शुरू कर दी। विरोध किया तो उसने डॉक्टर से गालीगलौज के साथ मारपीट की. हंगामे के बीच महिला डॉक्टर बेहोश हो गईं। मामला बिगड़ता देख आरोपी मौके से फ रार हो गया. स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने बताया कि आरोपों को पकड़ने के लिए पुलिस हर पहेलू की जांच कर रही है. हर घंटे बाद एसपी मंडी से इस बारे में जानकारी प्राप्त की जा रही है। मंगलवार को भी पुलिस ने 12 संदिग्ध लोगों से पूछताछ की. सीसीटीवी कमरे भी खंगाले। अब मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की जा रही है. उन्होंने कहा कि आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा.

डीसी समेत पांच अफसर हाईकोर्ट में तलब
दैनिक भास्कर ने लिखा है कि शिमला में ट्रैफिक और स्कूली छात्रों की सेफ्टी को लेकर हाईकोर्ट ने पांच अधिकारियों को तलब किया है. इन अधिकारियों में नगर निगम के कमिश्नर, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के डायरेक्टर, डीसी शिमला, एसपी शिमला और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता शामिल हैं. अदालत इस मामले में अब 27 जून को सुनवाई करेगी. हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी और न्यायाधीश ज्योत्स्ना रेवाल दुआ की खंडपीठ ने स्कूली छात्रों की सेफ्टी बारे जनहित में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान उक्त आदेश पारित किए. शिमला में ट्रेफिक प्राब्लम के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए सेंट एडवर्ड, कान्वेंट ऑफ़ जीजस एंड मैरी, तारा हॉल,ऑकलैंड हाउस स्कूल और डीएवी स्कूल न्यू शिमला के प्रिंसिपल को सुझाव देने के आदेश पारित किये थे. स्कूलों से सुझाव आने के बाद हाईकोर्ट ने इन अधिकारियों को मामले की आगामी सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष उपस्थित रहने के आदेश दिए. प्रदेश हाईकोर्ट के पिछले आदेशों की अनुपालना करते हुए मंगलवार को सेंट एडवर्ड ने अपने हल्फनामे जरिए अदालत को बताया कि स्कूल प्रशासन ने वर्ष 2014 को नगर निगम से पार्किंग के लिए अनुमति मांगी थी. लेकिन अब उन्होंने स्कूल के अन्दर पार्किंग बना ली है, जहां पर टेक्सी, मैक्सी केब स्कूली बच्चों को उतारती और चढ़ाती है. ऑकलैंड स्कूल ने अपने शपथ पत्र के माध्यम से अदालत को बताया कि स्कूल के सामने लोक निर्माण विभाग का बिल्डिंग मेटिरियल और तारकोल के ड्रम इक्कट्ठे रखे गए हैं.

जंगल में कर रहे थे नशा
दिव्य हिमाचल ने लिखा है कि सीरिंज से नशा करते हमीरपुर के एक कालेज के छात्रों का वीडियो वायरल हो गया है. नशे की डोज से भरे इंजेक्शन युवक एक दूसरे की रंगों में उतारते हैं. इनकी उम्र भी ज्यादा नहीं है. नशे की गिरफ्त में आए युवक 20 साल की उम्र से कम के हैं. नशा इनकी रंगों में किस कदर दौड़ रहा है, इसका प्रमाण वीडियो में मिल रहा है. नशेडि़यों की यह टोली नशे के इंजेक्शन एक-दूसरे को लगाती दिख रही है. स्वयं को इंजेक्शन लगाने में शायद दिक्कत होती है, इसलिए नशेड़ी एक दूसरे की रंगों में नशे की डोज उतारते हैं। वीडियो उसी क्षेत्र के स्थानीय युवकों द्वारा बनाया है. बताया जा रहा है कि कुछ युवकों की टीम कालेज के साथ लगते जंगल में पहुंची. वहां कुछ  और युवा झुंड में बैठकर नशे के इंजेक्शन ले रहे थे. हालांकि स्थानीय लोगों को देखकर कुछ नौजवान भाग निकले तो कुछ वहीं खड़े रहे. जब उनकी तलाशी ली गई तो नशे की डोज से भरे इंजेक्शन मिले. शायद वीडियो बनाने वाले युवक भी इन लोगों के जानने वाले हैं, क्योंकि नशेडि़यों को वीडियो बनाने वालों के नाम भी पता हैं. वीडियो रिकार्डिंग के दौरान नशे में झूल रहे युवाओं ने उनके नाम लिए हैं. इस दौरान इनसे इंजेक्शन भी छीन लिए गए. हैरानी की बात है कि वीडियो में इंजेक्शन पकड़े युवक कह रहा है कि उसने इसे 500 रुपए में खरीदा है. उसने बताया कि छह दिन बाद वह इंजेक्शन से नशा ले रहा है. युवक कह रहा है कि उसे इंजेक्शन की डोज लेने दो, इसके लिए वह उनके पैर भी पड़ रहा है. हालांकि जंगल से उन्हें खदेड़ने गए युवकों ने उनसे इंजेक्शन छीन लिए, लेकिन नशे की डोज न मिलने के कारण वे बुरी तरह बौखला गए. इंजेक्शन की छीना झपटी में उन्होंने अपने कुछ साथियों के नाम बताते हुए कहा कि ये इंजेक्शन उनके हैं. युवक नशे की डोज के लिए बहुत तड़प रहे थे.

कारों को लगाई आग
दैनिक जागरण ने लिखा है कि शिमला के पंथाघाटी इलाके में सोमवार रात सड़क किनारे खड़ी तीन कारों में असामाजिक तत्वों ने आग लगा दी. इसमें एक कार राख हो गई तथा दो कारों को काफी नुकसान पहुंचा है. शरारती तत्वों ने रात करीब दो बजे पंथाघाटी के लोअर शिवनगर में तीन कारों में आग लगा दी. आग की लपटें देखकर स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग व पुलिस को सूचित किया. दमकल वाहन के पहुंचने से पहले मारुति कार नष्ट हो गई थी. दमकल कर्मियों ने आग की जद में आई अन्य दो कारों को बचा लिया. ये तीनों कारें पंथाघाटी के रहने वाले लोगों की हैं. शहर में एक हफ्ते के भीतर वाहनों में आगजनी का यह तीसरा मामला है. शरारती तत्वों ने इससे पहले 11 जून को बालूगंज के फागली और 16 जून को उपनगर टुटू में सड़क किनारे पार्क चार वाहनों को आग लगा दी थी लेकिन तीनों घटनाओं के बाद शहर की रात्रि गश्त पर कई सवाल उठना शुरू हो गए हैं. ऐसे में पुलिस की रात्रि गश्त कितनी अलर्ट है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है.

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