हिमाचल में 1 अप्रैल से क्या कुछ बदला और कैसे आपके जिंदगी पर डालेगा असर, यहां पढ़िये...

हिमाचल में एक अप्रैल से क्या बदवाल हुए.

हिमाचल में एक अप्रैल से क्या बदवाल हुए.

हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष के आगाज के चलते अब कई बदलाव हुए हैं. इन बदलावों का आम आदमी की जिंदगी पर खासा असर होगा.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष शुरु हुआ है. ऐसे में सूबे में कई तरह के बदलाव हुए हैं, जिनका आम आदमी की जिंदगी पर खासा असर पड़ेगा. चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर कुल्लू और मनाली के बीच डोहलूनाला में टोल प्लाजा पर टोल टैक्स पांच से दस फीसदी बढ़ा दिया है. वाहनों से गुरुवार से यह टोल टैक्स वसूलना शुरू कर दिया गया है. टोल प्लाजा में पहले कार, जीप, वैन और दूसरे छोटे चौपहिया वाहनों से 30 रुपये लेते थे. अब 35 रुपये चुकाने होंगे.

छोटे व्यावसायिक वाहनों और मिनी बसों को टोल क्रास करने के लिए 55 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. दो एक्सल वाली बसों और ट्रकों को 100 की बजाय 110 रुपये देने होंगे. चार से छह एक्सल वाले वाहनों को एक तरफ के 175 रुपये, जबकि सात या इससे अधिक एक्सल वाली गाड़ियों को 210 रुपये टोल टैक्स देना पड़ेगा.

शिमला में पानी-शराब और बिजली महंगी

शिमला नगर निगम के दायरे में शराब पर 2 रुपये से सेस बढ़ाकर 5 रुपये प्रति बोतल किया गया है. वहीं, बिजली की प्रति यूनिट पर निगम ने 20 पैसे का सेस लगाया गया है. इससे पहले यह 10 पैसे था. इससे निगम को 1.75 लाख की अतिरिक्त आय होगी. राजधानी में कूड़ा शुल्क और पेयजल बिल जमा करवाने के लिए शहरवासियों को जेब और ढीली करनी पड़ेगी. पानी की नई दरें लागू हो गई हैं. घरेलू उपभोक्ताओं को 88 रुपये की जगह अब 97 रुपये कूड़ा शुल्क चुकाना पड़ेगा. इसी तरह दुकानों, ढाबों, होटलों, रेस्तरां, स्कूल, बैंक, सरकारी महकमों आदि को भी पहले से दस फीसदी ज्यादा कूड़ा शुल्क भरना होगा. हर साल पेयजल दरों में दस फीसदी की बढ़ोतरी होती है. बीते साल कोरोना के कारण पेयजल दरें नहीं बढ़ाई गईं थीं। लेकिन इस बार दस फीसदी की बढ़ोतरी तय है. हालांकि, छह अप्रैल को होने वाली पेयजल कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.शहर में 35 हजार पेयजल उपभोक्ता हैं.
गरीब बेटियों के लिए शगुन योजना

बजट (Budget) में हुई घोषणा के अनुसार, सूबे में अब दैनिक दिहाड़ी 275 रुपये से बढ़कर 300 रुपये होगी. इसके अलावा, गरीब आदमी को बेटी की शादी के लिए 31 हजार रुपये शगुन के तौर पर मिलेंगे. किसी भी जाति व धर्म की बेटी को शगुन के तौर पर यह राशि मिलेगी. इसके अलावा, 65 से 69 वर्ष की वरिष्ठ महिलाओं को 1000 रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलेगी. स्वर्ण जयंती नारी संबल योजना के तहत यह पेंशन दी जा रही है.

विधायकों को पूरा मिलेगा वेतन



कोरोनाकाल में विधायकों के वेतन में की गई 30 फीसदी की कटौती की गई थी, जो कि 31 मार्च को खत्म हो जाएगी. एक अप्रैल के बाद अब प्रत्येक विधायक को पूरा वेतन मिलेगा. विधायकों के साथ-साथ मंत्रियों, निगम-बोर्ड के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के वेतन व मानदेय को बहाल किया गया है.

दूध 29 रुपये लीटर

राज्य मिल्क फेडरेशन की ओर से प्रदेश में दूध की खरीद अधिकतम 27 रुपये प्रति लीटर तय की गई थी. लेकिन अब इसमें दो रुपये का इजाफा हुआ है. रुपये मूल्य वृद्धि होने से दूध उत्पादकों को अधिक लाभ प्राप्त होगा. बजट में इसके लिए 28 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है.

नई शिक्षा नीति भी लागू हुई

1 अप्रैल से प्रदेश में नई शिक्षा नीति का पहला चरण लागू होगा. शिक्षा नीति के साथ ही छात्रवृत्ति के नियम भी बदल जाएंगे. नई शिक्षा नीति के पहले चरण में तीन साल के बच्चों का प्री प्राइमरी में प्रवेश अनिवार्य किया गया है. सभी स्कूलों में प्री प्राइमरी की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से पांच साल आयु के बच्चों का पंजीकरण अनिवार्य होगा. पांच साल के बाद स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा. छात्रवृत्ति के लिए अब 75 फीसद हाजिरी की शर्त अनिवार्य की गई है. बायोमीट्रिक आधारित हाजिरी लगेगी.
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