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अरसे से नहीं मानी जा रही मांगें, सरकार के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: February 3, 2020, 6:18 PM IST
अरसे से नहीं मानी जा रही मांगें, सरकार के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
2015 के बाद प्रोमोट नहीं किए गए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी.

आबकारी एवं कराधान विभाग (Excise and Taxation Department) सहित कई विभागों में क्लर्क (Clerk) के पद को अब क्लर्क आईटी (Clerk IT) के रूप में परिवर्तित किया गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि सभी विभागों में कंप्यूटर से काम हो रहा है, लेकिन इससे चतुर्थ श्रेणी (( Class IV employees) को क्लर्क प्रमोशन में मिलने वाला 30 प्रतिशत कोटा बंद हो गया है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों (Class IV employees) के मन में सरकार के प्रति भारी रोष पनप गया है, क्योंकि लंबे अरसे से उनकी मांगें नहीं मानी जा रही हैं. ऐसे में अब कर्मचारियों ने कोर्ट जाने का मन बना दिया है. दरअसल अधिकारियों और विभाग प्रमुखों के साथ बैठक के बाद भी कोई रास्ता नहीं निकल पाया है. ताजा मामला लोक निर्माण विभाग (PWD) और आबकारी एवं कराधान विभाग से जुड़ा है. लोक निर्माण विभाग में बेलदारों (Groundsman) को कार्यालयों में बुलाकर उनसे चपरासियों का काम लिया जा रहा है. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण लाल ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है.

कृष्ण लाल ने कहा कि स्वीकृत पद केवल 40 हैं. ऐसे में बाहर से बेलदारों को बुलाया जा रहा है. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ ने मांग की है कि लोक निर्माण विभाग के कार्यालयों में कार्य कर रहे ऐसे सभी बेलदारों को चपरासी बनाया जाए ताकि उनके साथ हो रहा अन्याय रूक सके.

प्रमोशन में मिलने वाला 30 प्रतिशत कोटा बंद हो गया

वहीं दूसरी ओर आबकारी एवं कराधान विभाग सहित कई विभागों में क्लर्क के पद को अब क्लर्क आईटी के रूप में परिवर्तित किया गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि सभी विभागों में कंप्यूटर से काम हो रहा है, लेकिन इससे चतुर्थ श्रेणी को क्लर्क प्रमोशन में मिलने वाला 30 प्रतिशत कोटा बंद हो गया है. इसमें 20 प्रतिशत

कोटा एलडीआर यानी परीक्षा देकर भरा जाता था और 10 प्रतिशत वरिष्ठता के आधार पर सीधी प्रमोशन देकर.

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में लोक निर्माण विभाग के प्रति भी रोष व्याप्त है.


6 महीने की कंप्यूटर ट्रेनिंग देने की मांगचतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव बलदेव राज ने कहा कि 2015 के बाद आबकारी एवं कराधान विभाग सहित कई विभागों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रमोशन नहीं दी गई है. कर्मचारी यह मांग कई बार सरकार के समक्ष भी उठा चुके हैं, लेकिन अधिकारी फाइल को आगे ही नहीं बढ़ाते हैं. चतुर्थ
श्रेणी कर्मचारी चाहते हैं कि इस कोटे को बहाल किया जाए और इसके लिए उन्हें छह महीने की कंप्यूटर ट्रेनिंग भी दी जाए.

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First published: February 3, 2020, 6:18 PM IST
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