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अमृतसर के श्रद्धालुओं की गुंडागर्दी, ज्वालामुखी मंदिर के कर्मचारियों के साथ की मारपीट, Video वायरल

अमृतसर के श्रद्धालुओं की गुंडागर्दी, ज्वालामुखी मंदिर के कर्मचारियों के साथ की मारपीट, Video वायरल

सीसीटीवी फुटेज में श्रद्धालुओं को मारपीट करते हुए देखा जा सकता है.

सीसीटीवी फुटेज में श्रद्धालुओं को मारपीट करते हुए देखा जा सकता है.

दो दिन पहले पंजाब के अमृतसर से आए श्रद्धालुओं ने प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी (Jwalamukhi Shaktipeeth) मंदिर परिसर में जमकर हंगामा किया था. श्रद्धालुओं ने मंदिर के दो कर्मचारियों को मारकर घायल कर दिया था. अब उसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

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    बर्जेश्वर साकी

    शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के कांगड़ा जिला स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी (Jwalamukhi Shaktipeeth) में दो दिन पहले हुई मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वहीं, अब वायरल वीडियो (Viral Video) के सामने आने के बाद ज्वालामुखी शहर में बिगड़ती कानून- व्यवस्था पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं. इसी बीच श्रद्धालुओं ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि पुलिस वालों ने समझौता कराने की एवज में उनसे मोटी रकम ऐंठ ली. ऐसे में पुलिस ने ज्वालामुखी मंदिर में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मारपीट करते हुए श्रद्धालुओं का वीडियो आम जनता के सामने रख दिया है. इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि श्रद्धालु मंदिर कर्मचारियों के साथ डंडों से मारपीट (Violence) कर रहे हैं.

    हालांकि, वायरल वीडियो और पुलिस द्वारा जारी सीसीटीवी फुटेज अलग- अलग कहानियां बयां कर रहे हैं.  जबकि वायरल वीडियो ने देखा जा सकता है कि ज्वालामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं ने दो सुरक्षाकर्मियों को पहले मारा और इसके बाद वर्दी फाड़ दी. इससे सुरक्षा में तैनात कर्मचारी लहूलुहान हो गए व उनके सिर पर गहरी चोटें आईं. ऐसे में उनको अस्पताल में जाकर टांके लगाने पड़े. वहीं, सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो की सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि मंदिर में माहौल श्रद्धालुओं ने खराब किया था. जिन्होंने सरकार के द्वारा निर्धारित नियमों की न केवल  उल्लंघन किया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट कर उनको घायल भी कर दिया. सोशल मीडिया में केवल एक पक्ष को दिखाया गया है. जबकि दूसरे पक्ष को कोई जानकारी नहीं दी गई है.

    उन्हें लगा कुछ लोग नशे में हैं
    मिली जानकारी के मुताबिक, मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मचारी हंसराज की न केवल वर्दी फाड़ दी गई, बल्कि लाठियों से उसे पीटा गया. हंसराज ने बताया कि उन्हें लगा कुछ लोग नशे में हैं, जिन्होंने हाथों में लाठियां लेकर अफरा-तफरी मचाई व मंदिर का माहौल खराब किया. मंदिर बंद करने का समय रात दस बजे सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है. जबिक आरोपी लोग रात दस बजकर बीस मिनट तक मंदिर में ही रहे. उन्हें बार-बार बाहर जाने के लिए कहा गया, तो उल्टा वे मंदिर के सुरक्षा कर्मचारियों से भिड़ गए. मंदिर के एक अन्य कर्मचारी नरेश कुमार भंडारी के सिर पर चोट मारी और उन्हें लहूलुहान कर दिया. उन्हें सिविल अस्पताल ज्वालामुखी में 3 टांके लगे.

    पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है
    इतना ही नहीं इन अमृतसर से आए श्रद्धालुओं ने बस अड्डे में केमिस्ट की दुकान में भी हंगामा करने की कोशिश की व मंदिर के कर्मचारियों को पीटने का प्रयास किया. उसके बाद बस अड्डे और आसपास के दुकानदारों व अन्य लोगों ने श्रद्धालुओं को सबक सिखाया. हालांकि, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं का आरोप है कि उन्हें मारा-पीटा गया है. पुलिस ने दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप  को सुना. उसके बाद ही दोनों पक्षों में समझौता हुआ है. इस संदर्भ में मंदिर अधिकारी तहसीलदार दीनानाथ का कहना है कि श्रद्धालुओं को बार-बार मंदिर कर्मचारी द्वारा बाहर जाने के लिए कहा गया. परंतु श्रद्धालु आपे से बाहर हो गए और उन्होंने मंदिर के दो सुरक्षा कर्मियों को बुरी तरह से घायल कर दिया. जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दे दी. जानकारी के मुताबिक, दोनों पार्टियों को देर रात तक पुलिस थाने में अपना पक्ष रखना पड़ा. उसके बाद दोनों पार्टियों ने आपस में समझौता कर लिया. पुलिस ने मंदिर और बस अड्डे के आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज हासिल कर लिए हैं. उनके आधार पर ही पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है.

    श्रद्धालुओं ने पुलिस पर पैसा लेकर मामले को दबाने के लगाए आरोप
    वहीं, दूसरे पक्ष ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं. अमृतसर मजीठा के रहने वाले अजय कुमार ने बताया कि वह लोग पंजाब के जिला अमृतसर के मजीठा से ज्वाला देवी को दर्शन करने के लिये निकले थे. व रात करीब आठ बजे धर्मशाला से निकले और कुछ देर बाद मंदिर में पहुंचे. उनके ग्रुप में करीब 50 लोग थे. सभी लोग दर्शन करने के बाद शैया भवन के पास बैठ गये और भजन कीर्तन करने लगे. उन्हें पहले ही पता था कि मंदिर दस बजे बंद हो जाता है. इस लिहाज से वहां कीर्तन करने लगे. इस दौरान वहां एक शख्स जिसने नीली वर्दी पहनी थी व दूसरा जिसने खाकी वर्दी पहनी थी, उनके पास आये और उनसे बदतमीजी करने लगे, जिससे माहौल बिगड़ गया. श्रद्धालुओं का आरोप है कि उन्हें थाने में ही समझौता कराने के लिये 27 हजार रुपये देने के लिये विवश किया गया. वह लोग इस मामले में कुछ भी नहीं कर पाये. उन्होंने अपनी मरहम पट्टी भी पंजाब में आकर करवाई.

    Tags: Himachal pradesh news, Kangra district, Kangra News

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