होम /न्यूज /हिमाचल प्रदेश /धवाला ने अपनी सरकार को दी नसीहत, कहा- खैर और चंदन कर्ज से दिला सकता है मुक्ति

धवाला ने अपनी सरकार को दी नसीहत, कहा- खैर और चंदन कर्ज से दिला सकता है मुक्ति

बीजेपी विधायक रमेश धवाला का दावा है कि कांगड़ा जिले का चंदन और खैर चुटकी भर में हिमाचल का 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज खत्म कर देगा

बीजेपी विधायक रमेश धवाला का दावा है कि कांगड़ा जिले का चंदन और खैर चुटकी भर में हिमाचल का 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज खत्म कर देगा

रमेश धवाला का दावा है कि कांगड़ा जिले का चंदन और खैर चुटकी भर में हिमाचल का 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज खत्म कर देगा.

    हिमाचल प्रदेश पर लगातार बढ़ रहे कर्ज को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है. जयराम सरकार ने हाल ही में 250 करोड़ रुपये का एक और कर्ज लेने का ऐलान किया है. इसके बाद सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है. वहीं, विपक्ष के हमलों के बीच चर्चित बीजेपी विधायक एवं राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने अपनी ही सरकार को नसीहत दे डाली है. रमेश धवाला का दावा है कि कांगड़ा जिले का चंदन और खैर चुटकी भर में हिमाचल का 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज खत्म कर देगा.

    'खोखले हो रहे हैं खैर के पेड़ इसलिए इनकी कटान की मिले इजाजत'

    ramesh dhawala-रमेश धवाला
    रमेश धवाला ने कहा कि कांगड़ा-चंबा सहित कई जिलों में खैर के पेड़ 20—20 साल के हो गए हैं और अब वे अब खोखले होते जा रहे हैं.


    रमेश धवाला ने कहा कि पेड़ कटान पर प्रतिबंध के चलते खैर और चंदन का कटान नहीं हो सकता है. उन्होंने कहा कि कांगड़ा-चंबा सहित कई जिलों में खैर के पेड़ 20-20 साल के हो गए हैं और अब वे अब खोखले होते जा रहे हैं. ऐसे में अगर प्रतिबंध हटा दिया जाता है तो यही पेड़ हजारों—करोड़ों रुपये में बिक जाएंगे. जाहिर है कि इससे प्रदेश के साथ लोगों की आर्थिकी भी सुधरेगी. इससे राज्य सरकार के सिर से कर्ज का बोझ भी मिट जाएगा.

    नुरपुर और शाहपुर में खैर कटान पर फिलहाल प्रतिबंध नहीं

    उन्होंने कहा कि नुरपुर और शाहपुर में खैर कटान पर फिलहाल प्रतिबंध हटा लिया गया है, लेकिन राज्य के दूसरे हिस्सों से भी यह प्रतिबंध हटा लिया जाना चाहिए. इसी तरह लोगों को चंदन लगाने के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए. कांगड़ा जिला में इस वक्त चंदन और खैर की खूब तस्करी हो रही है, जिसका नुकसान सरकार को उठाना पड़ रहा है.

    यह भी पढ़ें: ग्लोबल इन्वेस्टर के हाथों प्रदेश को बेचने की तैयारी, आला अधिकारी कर रहे मदद: मुकेश अग्निहोत्री

    फिर भड़की धवाला की ज्वाला, कहा-हमारे तालमेल में घी डालने का काम बंद करें

    Tags: Himachal pradesh, Shimla

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें