Home /News /himachal-pradesh /

'डिनर डिप्लोमेसी' पर हिमाचल में सियासत गर्म

'डिनर डिप्लोमेसी' पर हिमाचल में सियासत गर्म

कांग्रेस के असंतुष्टों की डिनर डिप्लोमेसी पर बुधवार को दिनभर सियासत गर्म रही। मुख्यमंत्री के सिपहसालार सारा दिन असंतुष्टों के खेमें में सेंध लगाने की कोशिश करते रहे। दिन भर अलग-अलग तरीकों से उन्हें मनाने की कोशिशें जारी रही। खासकर वीरभद्र सिंह के लेफ्ट-राइट मुकेश अग्रिहोत्री और सुधीर शर्मा खासे चिंतित रहे।

कांग्रेस के असंतुष्टों की डिनर डिप्लोमेसी पर बुधवार को दिनभर सियासत गर्म रही। मुख्यमंत्री के सिपहसालार सारा दिन असंतुष्टों के खेमें में सेंध लगाने की कोशिश करते रहे। दिन भर अलग-अलग तरीकों से उन्हें मनाने की कोशिशें जारी रही। खासकर वीरभद्र सिंह के लेफ्ट-राइट मुकेश अग्रिहोत्री और सुधीर शर्मा खासे चिंतित रहे।

कांग्रेस के असंतुष्टों की डिनर डिप्लोमेसी पर बुधवार को दिनभर सियासत गर्म रही। मुख्यमंत्री के सिपहसालार सारा दिन असंतुष्टों के खेमें में सेंध लगाने की कोशिश करते रहे। दिन भर अलग-अलग तरीकों से उन्हें मनाने की कोशिशें जारी रही। खासकर वीरभद्र सिंह के लेफ्ट-राइट मुकेश अग्रिहोत्री और सुधीर शर्मा खासे चिंतित रहे।

अधिक पढ़ें ...
कांग्रेस के असंतुष्टों की डिनर डिप्लोमेसी पर बुधवार को दिनभर सियासत गर्म रही। मुख्यमंत्री के सिपहसालार सारा दिन असंतुष्टों के खेमें में सेंध लगाने की कोशिश करते रहे। दिन भर अलग-अलग तरीकों से उन्हें मनाने की कोशिशें जारी रही। खासकर वीरभद्र सिंह के लेफ्ट-राइट मुकेश अग्रिहोत्री और सुधीर शर्मा खासे चिंतित रहे।

एक-एक कर ठाकुर कौल सिंह, जीएस बाली, आशा कुमारी और अन्य विधायकों की मान-मनोवल में जुटे रहे। विधानसभा में बैठकों के कई दौर चले। जानकारी के अनुसार कुलदीप कुमार और अजय महाजन को मुख्यमंत्री ने भी बुलाया और गतिरोध को समाप्त करने की बात की।

इस बीच जब बैठक में शामिल विधायकों से बातचीत करने की कोशिश की तो उन्होंने इतना ही कहा कि क्या आपस में मिल बैठकर चर्चा भी नहीं कर सकते, जब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह केवल अपने चहेतों के अलावा किसी और की बात सुनती ही नहीं। इस पर ठाकुर कौल सिंह ने साफ कहा कि हां, विधानसभा अध्यक्ष बीबीएल बुटेल ने उन्हें डिनर पर आमंत्रित किया था।

इसमें 12-13 विधायक शामिल हुए थे, और भी आने थे लेकिन नहीं आ पाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के डिनर पहले भी होते रहे हैं। सरकार में कोई मनमुटाव नहीं है, लेकिन जब कार्य न हो तो आपस में चर्चा करना जरूरी है।

उधर इस मामले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि ऐसी डिनर डिप्लोमेसी से न वे डरते हैं और न ही घबराते हैं, ऐसी डिप्लोमेसी से सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता।

सीएम ने भले ही बात को हंसी में टाल दिया हो, लेकिन अंदर ही अंदर सुलग रही चिंगारी कहीं भयानक रूप न धारण कर ले। इस चिंता से असंतुष्टों को मनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में असंतुष्टों की यह डिप्लोमेसी क्या रंग लाती है। ​

आप hindi.news18.com की खबरें पढ़ने के लिए हमें फेसबुक और टि्वटर पर फॉलो कर सकते हैं.

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर