शिमला: डॉक्टर रूचित ने नकारे बदसूलकी के आरोप, कहा- झूठ बोल रही है रिटायर्ड प्रोफेसर
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शिमला: डॉक्टर रूचित ने नकारे बदसूलकी के आरोप, कहा- झूठ बोल रही है रिटायर्ड प्रोफेसर
हिमाचल का शिमला शहर. (फाइल फोटो)

बता दें कि दिल्ली से लौटी 60 वर्षीय रिटार्यड महिला प्रोफेसर ने आरोप लगाया था कि सेंटर में उन्हें 10-12 घंटे तक रही भूखे रहना पड़ा. 4 जून को दिल्ली से शाम 7 बजे शोघी पहुंची थी. शोघी बैरियर पर इंचार्ज डॉ रुचित थे.

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शिमला. 4 जून को दिल्ली से लौटी रिटार्यड प्रोफेसर (Professor) विद्यानिधी ने एक डॉक्टर पर बदसलूकी का आरोप लगाया था. साथ ही कहा था कि क्वॉरंटीन सेंटर में करीब 10 घंटे तक भूखे रहना पड़ा. इस मामले पर डॉक्टर रूचित सामने आए और सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. मामला हिमाचल (Himachal) के शिमला (Shimla) जिले से जुड़ा है. डॉक्टर ने कहा कि सभी आरोप झूठे हैं. सरकार के निर्देशों और आदेशों के तहत ड्यूटी निभाई. डॉ. रूचित का कहना है कि उस दिन वो रात को 8 बजे से ड्यूटी पर थे, महिला 8 बजे पहुंची थी. शोघी बैरियर पर वो करीब 2-3 घंटे रही. रिटार्यड प्रोफेसर के साथ उनका बेटा और पालतू कुत्ता था. वो इंस्टिट्यूशन क्वॉरंटीन सेंटर में कुत्ते को अपने साथ रखना चाहती थी. डॉक्टर ने बताया कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि पालतू जानवर को क्वॉरंटीन सेंटर में साथ रखा जाए. इसकी पूरी जानकारी दी गई.

रेड जोन से लौटी थी महिला
प्रोफेसर होम क्वॉरंटीन में रखने के लिए कह रही थी, डॉक्टर ने कहा कि वो रेड जोन से आई हैं. होम क्वॉरंटीन नहीं किया जा सकता. क्वॉरंटीन सेंटर में ग्लूटन डाइट की व्यवस्था कर दी जाएगी. डॉक्टर ने दलील दी कि जो भी बातचीत हुई है उस वक्त दर्जनों लोग और पुलिस के जवान ड्यूटी पर थे. सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि वो कितनी देर खड़ी रहीं. महिला से ऊंची आवाज में भी बात नहीं की.

महिला ने बेतुकी दलीलें दी
डॉक्टर रूचित ने आगे कहा कि महिला होम क्वॉरंटीन और कुत्ते को साथ रखने को लेकर बेतुकी दलील दे रही थी जिस पर उन्होंने कहा कि सरकार के नियमों और निर्देशों के आधार पर उन्हें संस्थाग क्वारंटीन में रहना होगा. डॉक्टर के मुताबिक क्वॉरंटीन सेंटर और कुत्ते को रखने के लिए कई जगह बहुत फोन किए, जहां व्यवस्था हुई तो उन्हें वहां भेजा गया. डॉ. रूचित ने कहा कि इस घटना में उन्हें विलेन की तरह पेश किया गया और महिला को एक अबला नारी के रूप में पेश किया गया है, जबकि उन्होंने हर संभव मदद की है.



यह है मामला
बता दें कि दिल्ली से लौटी 60 वर्षीय रिटार्यड महिला प्रोफेसर ने आरोप लगाया था कि सेंटर में उन्हें 10-12 घंटे तक रही भूखे रहना पड़ा. 4 जून को दिल्ली से शाम 7 बजे शोघी पहुंची थी. शोघी बैरियर पर इंचार्ज डॉ रुचित थे. सुन्नी कॉलेज से रिटायर्ड प्रोफेसर के पास प्रशासन द्वारा दिया गया वैध पास था, जिस पर उन्होंने होम क्वॉरंटीन लिखा था और वजह दी थी कि डॉक्टर्स ने सलाह दी थी कि उन्हें सिर्फ वीट फ्री मील ही अलाउड है. पूरे मामले में डॉ. रूचित के व्यवहार पर सवाल उठाए थे.. 5 जून को डीसी ने हस्तक्षेप कर हुए उन्हें पेड क्वॉरंटीन सेंटर में भेज दिया था. अब इस मामले पर डॉक्टर का पक्ष भी सामने आ गया है, लेकिन रिटायर्ड प्रोफेसर का कहना है कि वो अपनी नाकामी और गलती छुपा रहे हैं.डॉक्टर के खिलाफ उनके पास पुख्ता तथ्य हैं.

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