Drugs in Himachal: चिट्टे की लत से परेशान 2 युवक पहुंचे IGMC शिमला, डॉक्टरों से मांगी मदद

आईजीएमसी शिमला अस्पताल.

Drugs in Himachal: डॉ. कर्नल महेश ने कहा कि उनके पास हर रोज 4 या 5 युवक ऐसे आते हैं, जो नशा करते हैं. इन युवकों को पुलिस पकड़ कर लाती है. डॉ. कर्नल महेश का कहना है कि नशे के आदी हो चुके युवक शर्म के कारण सामने नहीं आते और नशे के जाल में फंसते जाते हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में बढ़ते नशे के प्रकोप से हर कोई परेशान दिखाई दे रहा है. युवा वर्ग नशे की चपेट में है. यहां पर चरस के बाद अब चिट्टे का प्रचलनन बढ़ा है बढ़ते नशे के कारोबार से जहां प्रदेश पुलिस सरगनाओं को पकड़ने में नाकामयाब हो रही है, वहीं, नशे से आदी हो चुके युवा भी लगी लत (Addiction) को छुड़ाने के लिए अस्पतालों का रुख कर रहे हैं. ऐसा ही मामला हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला (Shimla) के IGMC अस्पताल में आया है. यहां दो युवाओं ने अस्पताल पहुंचकर नशे की लत छुड़ाने के लिए चिकिसकों से गुहार लगाई है. दोनों युवक नेपाली बताए जा रहे हैं.

तीन साल से कर रहे नशा 
युवकों का कहना है कि वे पिछले 3 साल से लगभग हर तरह का नशा कर रहे हैं. नशा कहां से मिलता है, इस बात की कोई जानकारी नहीं है, लेकिन उनके दोस्त उसे नशा लाकर देते थे. युवकों ने कहा कि नशे को इस्तेमाल करने की जानकारी मिलने पर परिजनों ने उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया और इसी के चलते वे आईजीएमसी शिमला पहुंचे हैं.

नशे की लत लगने पर घर से करते थे चोरी
उन्होंने बताया कि शुरूआती दौर में नशा करके अच्छा महसूस होता था, लेकिन बाद में इसकी लत लग गई. कई बार चिट्टा खरीदने के लिए घर से चोरी भी की. वहीं, जानकारी मिलने पर परिजनों ने इसे छोड़ने के लिए प्रेरित किया और डॉक्टर की सलाह लेने की बात कही. आईजीएमसी में आपातकाल विभाग के सीएमओ डॉ. कर्नल महेश ने नशे से पीड़ित युवकों को इसे छोड़ने के लिए प्रेरित किया. साथ ही मनोचिकित्सक डॉक्टर से काउंसलिंग करवाने की बात कही.

हिमाचल में नशे के सौदागर.


नशे से छुड़ाने के लिए युवा मनोचिकित्सक की लें सलाह

डॉ. कर्नल महेश ने कहा कि उनके पास हर रोज 4 या 5 युवक ऐसे आते हैं, जो नशा करते हैं. इन युवकों को पुलिस पकड़ कर लाती है. डॉ. कर्नल महेश का कहना है कि नशे के आदी हो चुके युवक शर्म के कारण सामने नहीं आते और नशे के जाल में फंसते जाते हैं. कई युवा नशा छोड़ना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मौका और सहयोग नहीं मिल पाता है.उन्होंने डॉक्टरों से ऐसे युवकों की मदद और सहयोग की आग्रह किया है. गौरतलब है कि शिमला, मंडी, सोलन, और कांगड़ा में नशा का प्रकोप बड़ा है.

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