भारी बारिश से धंसने लगा अंग्रेजों के जमाने की सुरंग, खौफ में हैं लोग

राजधानी शिमला में अंग्रेजी हुकूमत की निशानी लोअर बाजार को लक्कड़ बाजार से जोड़ने वाली सुरंग पर खतरा मंडराने लगा है. भारी बारिश से लक्कड़ बाजार में सुरंग को नुकसान पहुंचने लगा है.

Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 26, 2019, 11:46 AM IST
भारी बारिश से धंसने लगा अंग्रेजों के जमाने की सुरंग, खौफ में हैं लोग
शिमला - लोअर बाजार से रिवौली लक्कड़ बाजार को जोड़ने वाली 500 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण 1905 में हुआ था.
Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 26, 2019, 11:46 AM IST
राजधानी शिमला में अंग्रेजी हुकूमत (British Rule) की निशानी लोअर बाजार (Lower Bazar) को लक्कड़ बाजार (Lakkad Bazar) से जोड़ने वाली सुरंग पर भी खतरा मंडराने लगा है. लक्कड़ बाजार में सुरंग को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है. यहां बाजार की तरफ निकलने वाले मुहाने के साथ दीवार पर दरारें आनी शुरू हो गई और जमीन भी धंस रही है. जमीन का धंसना यूं ही लगातार जारी रहा तो सुरंग में प्रवेश करने के लिए लोगों को दिक्कत होगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून की भारी बारिश (Heavy Rain) उन्हें सताने लगी है. जब भी शहर में भारी बारिश होती है तो उन्हें बहुत डर लगता है.

प्रशासन से धंसती जमीन का स्थायी हल निकालने की मांग 

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार रिज मैदान (Ridge Maidan Shimla) में भी बहुत दरारें आई हैं. साथ ही रिज के साथ लगता क्षेत्र भी धंस रहा है. पिछले दिनों हुई भारी बारिश के चलते लोअर बाज़ार के टनल के एक छोर में बहुत दरारें आई हैं. एक छोर नीचे की तरफ काफी धंस गया है. टनल से पत्थर भी गिरने लगे हैं, जिससे लोग डरने लगे हैं. लोगों का कहना है कि साल 2009 में भी रिज धंसा था, तब दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. अब दोबारा रिज के साथ लगते क्षेत्र तिब्बती मार्केट (Tibbati Market) में भी दरारें पड़ गई है. इससे लोग डर गए हैं. इसके साथ ही इस क्षेत्र में मौजूद देवदार के पेड़ भी खतरनाक दिखाई दे रहे हैं. लोगों ने प्रशासन से धंसती जमीन का स्थायी हल निकालने की मांग की है.

पिछले दिनों हुई भारी बारिश के चलते लोअर बाज़ार के टनल के एक छोर में बहुत दरारें आई हैं.


तीन साल से रिज में आ रही है दरार

वहीं मेयर कुसुम सदरेट (Kusum Sadret) ने बताया कि रिज मैदान का एक हिस्सा काफी धंसता जा रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों से रिज में दरारें आ रही हैं. इसका स्थायी हल निकालने के लिए जल्द ही दीवार खड़ी की जाएगी. उन्होंने बताया कि बरसात का मौसम खत्म होते ही काम शुरू किया जाएगा ताकि हर साल आने वाली इस समस्या से निजात मिल सके.

गौरतलब है कि लोअर बाजार से रिवौली लक्कड़ बाजार को जोड़ने वाली टनल भी अंग्रेजों ने बनाई है. 500 मीटर लंबी इस सुरंग का निर्माण 1905 में हुआ था और यह भी अपनी पहचान खोने लगी है. यदि इसका एक सिरा यूं ही बैठता रहा तो यह सुरंग बंद भी हो सकती है. करीब दो दशक पहले इस सुरंग का जीर्णोद्धार किया गया था और इसमें हो रहे पानी के रिसाव को ठीक किया गया था. साथ ही लाइट भी ठीक की गई थी. इसका रखरखाव किया गया. इसके बाद से यह ठीक चल रही थी और हर वर्ग को इसका लाभ मिल रहा था. लेकिन पिछले कुछ समय से इसका लक्कड़ बाजार की तरफ का सिरा धंसने से लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है.
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First published: August 25, 2019, 4:18 PM IST
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